पठानकोट हमला: भारत ने की आतंकियों के आकाओं की पहचान, मौलाना मसूद अजहर था मेन हैंडलर

मौलाना मसूद अजहर आतंक का वो सौदागर है, जिसने भारत के खिलाफ एक नहीं सौ बार साजिश रची है. वह कंधार कांड के बाद से पाकिस्तान में बैठकर अपने नापाक मंसूबों को अंजाम दे रहा है. उसकी अगुआई में ही पाकिस्तान के लाहौर के पास पठानकोट हमले का ब्लूप्रिंट तैयार किया गया था.

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मौलाना मसूद अजहर मौलाना मसूद अजहर

मुकेश कुमार

  • नई दिल्ली,
  • 07 जनवरी 2016,
  • अपडेटेड 9:38 AM IST

पंजाब के पठानकोट में हुए आतंकी हमले के बाद यह साफ हो गया है कि इस हमले की साजिश पाकिस्तान में तैयार की गई थी. भारत ने आतंक के उन आकाओं की पहचान भी कर ली है, जो आतंकियों के हैंडलर थे. उन्हें लगातार निर्देश दे रहे थे. इसमें सबसे प्रमुख नाम मौलाना मसूद अजहर का है. इसके अलावा उसके भाई अब्दुल रउफ असगर, मौलाना अशफाक अहमद, हाफिज अब्दुल शकूर और कासिम जान को भी हैंडलर बताया जा रहा है.

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अजहर आतंक का वो सौदागर है, जिसने भारत के खिलाफ एक नहीं सौ बार साजिश रची है. वह कंधारकांड के बाद से पाकिस्तान में बैठकर अपने नापाक मंसूबों को अंजाम दे रहा है. उसकी अगुआई में ही पाकिस्तान के लाहौर के पास पठानकोट हमले का ब्लूप्रिंट तैयार किया गया था. भारत ने पूरी जानकारी पाकिस्तान के साथ साझा करते हुए भविष्य में किसी बातचीत के लिए कड़ी कार्रवाई को एक शर्त के रूप में रखा है.

सूत्रों के मुताबिक, भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने अपने पाकिस्तानी समकक्ष पूर्व जनरल नासिर खान जांजुआ से बात की है. उनके साथ सभी जरूरी सबूतों को साझा किया है. इन सबूतों के जरिए आरोप लगाया गया है कि पठानकोट हमले में जैश-ए-मोहम्मद की संलिप्तता 15 जनवरी को इस्लामाबाद में प्रस्तावित भारत-पाक विदेश सचिव स्तरीय बातचीत पर सवालिया निशान लगा सकती है.

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सूत्रों ने कहा कि भारतीय एजेंसियों द्वारा अजहर, रउफ, अशफाक और शकूर की पहचान की गई है. 1999 में काठमांडो में एयर इंडिया के विमान के अपहरण का मुख्य साजिशकर्ता रउफ ही था. इस विमान को अफगानिस्तान के कंधार ले जाया गया था. यहां आठ दिन तक बंधक बनाए गए सभी यात्रियों और विमानकर्मियों को छोड़ने के बदले मौलाना मसूद अजहर सहित तीन खूंखार आतंकवादियों की रिहा करना पड़ा था.


पठानकोट हमले के बाद नवाज शरीफ ने मोदी को फोन किया तो उन्हें दो टूक जवाब मिला- कार्रवाई जरुरी है. लिहाजा पाकिस्तान के हुक्मरानों को भी मालूम है कि अब कार्रवाई तो करनी होगी. कार्रवाई को लेकर पाकिस्तान की संजीदगी का थोड़ा बहुत अंदाजा इस बात से लगता है कि हमले के बाद फौरन इसकी निंदा कते हुए दोनों देशों के बीच होने वाली सचिव स्तर की बातचीत पर ब्रेक ना लगाने की अपील की गई थी.


पंजाब के पठानकोट में 2 जनवरी को सुबह करीब तीन बजे छह आतंकियों ने एयरफोर्स बेस पर हमला बोला था. लगातार चार दिनों तक चले ऑपरेशन के बाद सुरक्षाबलों ने 6 आतंकवादियों को मार गिराया. इस दौरान 7 जवान शहीद हुए, जबकि कई घायल हो गए हैं. आतंकवादी एयरबेस में रखे विमानों को नुकसान पहुंचाने के मकसद के आए थे. भारत सरकार ने हमले के तार पाकिस्तान से जुड़े होने के सबूत भी पाक को सौंपे हैं.

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