नोटबंदी से परेशान पार्किंग वाले, कारोबार में भारी गिरावट

वहीं दूसरी ओर दिल्ली नगर निगम को भी पार्किंग के क्लेक्शन में गिरावट की शिकायत मिली है लेकिन टेंडर की कीमत पहले ही मिल चुकी है जिसके कारण घाटा होगा तो सिर्फ ठेकेदार को ही होगा इसलिए परेशानी थोड़ी कम है. हालांकि निगम के अनुसार वह जल्द ही पार्किंग में कैशलेस सुविधा देंगे

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नोटबंदी का पार्किंग कारोबार पर कहर नोटबंदी का पार्किंग कारोबार पर कहर

अंकित यादव

  • नई दिल्ली,
  • 09 दिसंबर 2016,
  • अपडेटेड 1:02 PM IST

नोटबंदी के फैसले के बाद से ही लोगों को अलग-अलग प्रकार की मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है. लोगों के पास कैश की कमी है और खुले पैसे तो बिल्कुल भी नहीं है. लोग अधिकतर खर्च ई-वॉलेट या कॉर्ड से कर रहे है.

नोटबंदी के कारण पार्किंग के कारोबार में भी काफी गिरावट आई है, खुले पैसों की कमी के कारण लोग पार्किंग के पैसे नहीं दे रहे है. पार्किंग कर्मियों के अनुसार 20 रूपये की पार्किंग के लिए लोग 500 और 2000 के नोट देते है, जिसके कारण कई बार लोगों को बिना पैसे लिए ही जाने देते है. पार्किंग कर्मचारी बताते है कि कई बार फुटकर की समस्या से बहस और झगड़े तक हो जाते है. कार मालिक भी कहते है फुटकर कि समस्या है इसलिए चाहते है कि ये लोग भी पेटीएम या कार्ड की सुविधा की शुरूआत कर दे.

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वहीं दूसरी ओर दिल्ली नगर निगम को भी पार्किंग के क्लेक्शन में गिरावट की शिकायत मिली है लेकिन टेंडर की कीमत पहले ही मिल चुकी है जिसके कारण घाटा होगा तो सिर्फ ठेकेदार को ही होगा इसलिए परेशानी थोड़ी कम है. हालांकि निगम के अनुसार वह जल्द ही पार्किंग में कैशलेस सुविधा देंगे.

दक्षिणी दिल्ली नगर निगम की स्टैंडिंग काउंसिल के चेयरमैन बोले कि इस समस्या को दूर करने के लिए हम जल्द ही टेंडर में कार्ड का प्रस्ताव रखेंगे जिससे लोगों को परेशानी कम हो.

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