मसरत को सही ठहराकर PAK ने उतारा मुखौटा, नारेबाजी को बताया भावनाओं का उबाल

देशभर में अलगाववादी नेता मसरत आलम पर कार्रवाई को लेकर प्रदर्शन हो रहे हैं. पाकिस्तान के समर्थन में नारे लगाने वाले मसरत पर कार्रवाई में देरी को लेकर केंद्र सरकार ने भी नाराजगी जाहिर कर दी है, वहीं इन सब के बीच पाकिस्तान सरकार ने अलगाववादी नेता का समर्थन किया है. यही नहीं, आतंकी हाफिज सईद ने भी सही ठहराया है.

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अलगाववादी नेता मसरत आलम की फाइल फोटो अलगाववादी नेता मसरत आलम की फाइल फोटो

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 16 अप्रैल 2015,
  • अपडेटेड 11:35 PM IST

देशभर में अलगाववादी नेता पर कार्रवाई को लेकर प्रदर्शन हो रहे हैं. पाकिस्तान के समर्थन में नारे लगाने वाले मसरत पर कार्रवाई में देरी को लेकर केंद्र सरकार ने भी नाराजगी जाहिर कर दी है, वहीं इन सब के बीच पाकिस्तान सरकार ने अलगाववादी नेता का समर्थन किया है. यही नहीं, आतंकी हाफिज सईद ने भी सही ठहराया है.

पाकिस्तानी विदेश सचिव के प्रवक्ता तसनीम असलम ने गुरुवार को एक पाकिस्तानी साप्ताहिक से कहा कि पूरा पाकिस्तान मसरत आलम के साथ है. बयान में कहा गया, 'मसरत आलम पर बनता है. उसने कश्मीर में पाकिस्तान का झंडा लहराया है न की भारत में. पूरा पाकिस्तान मसरत आलम और हुर्रियत नेताओं को अपना समर्थन देता है.'

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तसनीम असलम ने आगे कहा, 'श्रीनगर की सड़कों पर बुधवार को जो कुछ हुआ वह भारत अधि‍कृ‍त कश्मीर के लोगों और पाकिस्तान के लोगों के बीच भावनात्मक जुड़ाव को दर्शाता है.' प्रवक्ता ने आगे कहा, 'यह अफसोस की बात है कि भारत ने अपने अधि‍कारों के लिए प्रयास कर रहे लोगों के खि‍लाफ शक्ति‍पूर्वक कार्रवार्इ की. हमारा मानना है कि कश्मीरी नेतृत्व के खि‍लाफ लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं. कश्मीर एक विवादित क्षेत्र है और इसका अंतिम निपटान संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के अनुसार होना है. ऐसे में भारत को कानूनन कोई अधि‍कार नहीं है वह इस ओर कोई कानूनी कार्रवाई करे.'

हाफिज सईद मसरत को बताया 'सही'
पाकिस्तान सरकार के साथ ही आतंकी हाफिज सईद ने भी को सही ठहराया है. आतंकी सईद ने कहा कि मसरत ने जो कुछ किया वह सही है और वह मसरत समेत सभी हुर्रियत नेताओं को सही ठहराते हैं.

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गिलानी को रैली की इजाजत नहीं!
दूसरी ओर, जम्मू-कश्मीर पुलिस सैयद अली शाह को त्राल में रैली की इजाजत नहीं देने का विचार कर रही है. सूत्रों के मुताबिक, 'पुलिस गिलानी को त्राल मार्च की इजाजत नहीं देगी. गिलानी पर इस ओर प्रतिबंध लगाया जा सकता है. उनके साथ ही मसरत आलम और कई अन्य अलगाववा‍दी नेताओं को एहतियातन गिरफ्तार किया जा सकता है. या फिर उन्हें हिरासत में लिया जा सकता है.

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