दिल्ली विधानसभा की एथिक्स कमेटी ने बुधवार को बीजेपी विधायक ओपी शर्मा की सदस्यता खत्म करने की सिफारिश की है. कमेटी ने उन्हें सत्तारुढ़ दल आम आदमी पार्टी की विधायक अलका लांबा से अभद्रता करने का दोषी पाया है.
शर्मा के बयान पर हुआ था सियासी घमासान
दिल्ली विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान के बाद दिल्ली की सड़कों पर सियासी घमासान शुरू हो गया था. विधायकों के प्रदर्शन को देखते हुए विधानसभा स्पीकर ने शर्मा को शीतकालीन सत्र से निलंबित कर दिया था. फैसले के खिलाफ शर्मा सदन के बाहर धरने पर बैठ गए थे. वहीं शर्मा की गिरफ्तारी और सदस्यता रद्द करने की मांग पर अलका लांबा अड़ी रही थीं.
आप विधायकों ने बनाया था स्पीकर पर दबाव
इससे पहले 27 नवंबर तक चलने वाले विधानसभा सत्र में को दो दिन के लिए सस्पेंड किया गया था. विधायकों के दबाव में स्पीकर रामनिवास गोयल ने उन्हें पूरे सत्र के लिए निलंबित कर दिया था.
ओपी शर्मा ने दी थी सफाई
ओपी शर्मा ने स्पीकर पर मनमानी का आरोप लगाया था. शर्मा ने अलका लांबा के खिलाफ बयान देने के बाद हंगामा बढ़ने पर सफाई भी दी थी. उन्होंने कहा था कि उनकी बात का AAP विधायकों ने गलत मतलब निकाला है. बात नाइट शेल्टर होम से शुरू हुई थी, जिसे लेकर उन पर निजी हमले किए गए थे.
लांबा पर ओपी शर्मा ने की विवादित टिप्पणी
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अलका लांबा को रातभर घूमने वाली औरत कहा था. बीजेपी विधायक विजेंद्र गुप्ता का आरोप है कि अलका लांबा ने ओपी शर्मा पर हमला किया और सदन के अंदर उनको थप्पड़ जड़ने की कोशिश की. इस पूरे मामले को लेकर विधानसभा में जमकर हंगामा हुआ था. उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा था कि हमें इस तरह का बर्ताव नहीं करना चाहिए, नेताओं को अपने सदस्यों के बर्ताव के लिए जिम्मेदारी लेनी चाहिए.
केशव कुमार