'सुलेमान नमाज पढ़ने गया था, पुलिस ने मार दिया, वालिद पर लाठियां बरसाईं'

सुलेमान के बड़े भाई शोएब ने बताया कि सुलेमान मेरा छोटा भाई था. यूपीएससी की कोचिंग कर रहा था. वो नमाज पढ़ने गया था. पुलिस ने जबरदस्ती उसे गोली मारी है और मेरे वालिद साहब पर भी लाठीचार्ज किया है.

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पुलिस की गोली से मारे गए युवक सुलेमान के बड़े भाई शोएब पुलिस की गोली से मारे गए युवक सुलेमान के बड़े भाई शोएब

मुनीष पांडे

  • बिजनौर,
  • 27 दिसंबर 2019,
  • अपडेटेड 7:47 PM IST

20 दिसंबर को यूपी के कई इलाकों में नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ जब बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतरे तो इस दौरान हिंसक घटनाएं भी हुईं. बिजनौर जिले का नहटौर भी इस हिंसा की चपेट में आ गया और सुलेमान व अनस के दो युवकों की गोली लगने से जान चली गई. सुलेमान के परिवार का कहना है कि वो नमाज पढ़ने गया था और पुलिस ने मार दिया. जबकि पुलिस ने ये तो स्वीकार किया है कि सुलेमान की मौत उनकी गोली से हुई है, लेकिन ऐसा आत्मरक्षा में किया गया.

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सुलेमान की उम्र 22 साल थी. 20 दिन यानी शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद दिल्ली से लेकर देश के कई छोटे-बड़े शहरों में नागरिकता संशोधन कानून और एनआरसी के खिलाफ प्रदर्शन किए गए. बड़ी तादाद में मुस्लिम समाज के लोग सड़कों पर उतरे. बिजनौर जिले के नहटौर में भी प्रदर्शन के लिए भीड़ बाहर निकली. लेकिन इस दौरान यहां हिंसा हो गई. इस हिंसा में सुलेमान को गोली लग गई जिससे उसकी मौत हो गई.

सुलेमान के परिवार ने सुनाई आपबीती

सुलेमान के बड़े भाई शोएब ने बताया, 'सुलेमान मेरा छोटा भाई था. यूपीएससी की कोचिंग कर रहा था. वो नमाज पढ़ने गया था. पुलिस ने जबरदस्ती उसे गोली मारी है और मेरे वालिद साहब पर भी लाठीचार्ज किया है. सरकारी अस्पताल में हमारी कोई नहीं सुन रहा था और जब हम बॉडी घर ले जा रहे थे तो वहां भी हमारे साथ बदतमीजी की गई. नहटौर में जो विवाद हुआ, हमें तो पता भी नहीं था. हमें तो ढाई बजे पता लगा कि भाई को गोली लग गई. घासमंडी से उठाकर लाए हम.'

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सुलेमान के बड़े भाई शोएब ने सीधे तौर पर पुलिस पर फायरिंग का आरोप लगाया. हालांकि, यूपी पुलिस लगातार किसी भी प्रदर्शन के दौरान फायरिंग की बात से इनकार करती रही, लेकिन बिजनौर पुलिस ने बाद में माना कि सुलेमान की मौत पुलिस की गोली से ही हुई.  

बिजनौर एसपी (ग्रामीण) विश्वजीत श्रीवास्तव ने मंगलवार को बताया कि 20 दिसंबर को शुक्रवार की नमाज के बाद हिंसक भीड़ ने पुलिस स्टेशन पर हमला कर दिया, पुलिस ने आत्मरक्षा में गोली चला दी. नहटौर में पुलिस ने बचाव में फायरिंग की जिसमें एक 22 वर्षीय युवक की मौत हो गई.

पुलिस के अनुसार, जब भीड़ हिंसा पर उतारू थी तो भीड़ के बीच में पुलिस का दरोगा आशीष तोमर का पिस्टल छीन लिया गया. जब पुलिस भीड़ में पिस्तौल वापस लेने के लिए घुसी तो भीड़ के अंदर से सिपाही मोहित के ऊपर गोली चला दी गई जो गोली सिपाही मोहित को लगी. उसी भीड़ से बचने के लिए पुलिस ने आत्मरक्षा में जब गोली चलाई तो उस गोली से सुलेमान घायल हो गया और उसके साथी उसे उठा ले गए. बाद में उसकी मौत हो गई.

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