गणतंत्र दिवस परेड में दिखाई देंगे ऊंट

ऊंटों का दस्ता पिछले कुछ महीनों से दिल्ली में है, लेकिन इसे रिहर्सल में शामिल नहीं किया गया है क्योंकि इस संबंध में कोई आधिकारिक आदेश नहीं जारी किया गया है.

Advertisement
राजपथ पर ऊंटों का दस्ता राजपथ पर ऊंटों का दस्ता

स्‍वपनल सोनल / BHASHA

  • नई दिल्ली,
  • 26 जनवरी 2016,
  • अपडेटेड 11:07 AM IST

माना जा रहा था कि गणतंत्र दिवस समारोह के इतिहास में पहली बार सीमा सुरक्षा बल का ऊंट दस्ता इस बार 26 जनवरी को राजपथ पर नहीं उतरेगा. अधिकारियों ने बताया कि आधिकारिक निर्देश के अभाव में ऊंटों पर सवार होने वाले 90 सदस्यीय बीएसएफ जवान और बैंड टुकड़ी इस बार कार्यक्रम के लिए ड्रेस रिहर्सल के दौरान अभ्यास नहीं कर रही है.

Advertisement

उन्होंने कहा कि दस्ता पिछले कुछ महीनों से दिल्ली में है, लेकिन इसे रिहर्सल में शामिल नहीं किया गया है क्योंकि इस संबंध में कोई आधिकारिक आदेश नहीं जारी किया गया है. रेगिस्तान का जहाज कहे जाने वाले ऊंटों के बीएसएफ दस्ते को पहली बार 1976 के किया गया था. उसने थलसेना की ऐसी ही एक टुकड़ी का स्थान लिया था, जो 1950 से ही पहले गणतंत्र दिवस समारोह में शामिल हो रही थी.

ऊंटों के साथ बजती थीं सामरिक धुनें
ऊंट दस्ते से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि बीएसएफ की ऊंट टुकड़ी हर साल 26 जनवरी को का वास्तविक हिस्सा रही हैं. इसमें दो टीमें होती हैं. पहली टीम में 54 सदस्य जवान होते हैं, जबकि दूसरी 36 सदस्यीय बैंड टीम होती है. पहली टीम में बीएएसफ जवान हथियारों से लैस होकर ऊंट पर सवार रहते हैं, जबकि दूसरी टीम के सदस्य रंगबिरंगे कपड़ों में होते हैं और सामरिक धुनें बजाते रहते हैं.

Advertisement

इस बार दिखेगा कुत्तों का दस्ता
अधिकारियों ने कहा कि इस बार 26 जनवरी के परेड में कई बदलाव किए जा रहे हैं. जैसे अर्धसैनिक बलों को शामिल नहीं किया जा रहा है, वहीं कई नयी चीजें भी शुरू की जा रही हैं. इनमें थलसेना के कुत्तों के दस्ते को शामिल किया जाना भी शामिल है. इसके अलावा फ्रांसीसी सैनिक भी परेड में शामिल होंगे.

उन्होंने कहा कि संभव है कि ऊंट टुकड़ी 29 जनवरी को होने वाले 'बीटिंग दि रीट्रीट' कार्यक्रम में भी शामिल नहीं हो सके. इस बार के कार्यक्रम में फ्रांसीसी राष्ट्रपति फ्रांसवा ओलांद मुख्य अतिथि होंगे.

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement