देश के 9 राज्यों में सूखा पड़ने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को केंद्र सरकार पर सख्त टिप्पणी की है. कोर्ट ने कहा 9 राज्य सूखे से प्रभावित हैं और केंद्र इस पर अपनी आंखें बंद नहीं रख सकता. कोर्ट ने कहा कि इसके लिए जरूरी कदम उठाए जाने की जरूरत है.
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से गुरुवार तक हलफनामा मांगा है. केंद्र को हलफनामे में बताना है कि मनरेगा को सूखा प्रभावित राज्यों में कैसे लागू किया जा रहा है और इन राज्यों को केंद्र किस तरह फंड मुहैया करा रहा है.
जनहित याचिका पर हो रही सुनवाई
योगेंद्र यादव की एनजीओ स्वराज अभियान की तरफ से दायर की गई जनहित याचिका में को राहत और उनके पुनर्वास की मांग की गई थी. पिछली सुनवाई पर कोर्ट की फटकार के बाद गुजरात सरकार ने 1 अप्रैल से खाद्य सुरक्षा अधिनियम लागू किया था.
पीने के पानी तक को तरस रहे लोग
महाराष्ट्र, बुंदेलखंड, कर्नाटक, मराठावाड़, छत्तीसगढ़, राजस्थान, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना समेत 9 राज्य सूखे की चपेट में हैं. कई राज्यों में सूखे से हालात इतने बदतर हो गए हैं कि लोग पीने के पानी तक को तरस गए हैं और अब पलायन करने को मजबूर हैं.
मामले की अगली सुनवाई गुरुवार को होगी.
मोनिका शर्मा / अनुषा सोनी / अहमद अजीम