नेहरू मेमोरियल के डायरेक्टर का इस्तीफा, म्यूजियम ऑफ गवर्नेंस बनाने की तैयारी

डाक टिकट से गांधी परिवार को हटाने के विवाद के बीच नेहरू मेमोरियल के डायरेक्टर महेश रंगराजन ने इस्तीफा दे दिया है. सरकार ने उनके इस्तीफे को मंजूर भी कर लिया है. बीते कई दिनों से यह मेमोरियल इस बाबत चर्चा और बहस के केंद्र में है कि इसे सिर्फ नेहरू पर केंद्रित होना चाहिए या फिर इसके दायरे को बढ़ाना चाहिए. सरकार इसे म्यूजियम ऑफ गवर्नेंस बनाने पर विचार कर रही है.

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महेश रंगराजन की फाइल फोटो महेश रंगराजन की फाइल फोटो

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 17 सितंबर 2015,
  • अपडेटेड 9:04 PM IST

डाक टिकट से गांधी परिवार को हटाने के विवाद के बीच नेहरू मेमोरियल के डायरेक्टर महेश रंगराजन ने इस्तीफा दे दिया है. सरकार ने उनके इस्तीफे को मंजूर भी कर लिया है. बीते कई दिनों से यह मेमोरियल इस बाबत चर्चा और बहस के केंद्र में है कि इसे सिर्फ नेहरू पर केंद्रित होना चाहिए या फिर इसके दायरे को बढ़ाना चाहिए. सरकार इसे म्यूजियम ऑफ गवर्नेंस बनाने पर विचार कर रही है.

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जानकारी के मुताबिक, बीते सोमवार को संस्‍थान की कार्यकारिणी की बैठक में ही महेश रंगाराजन ने व्‍यक्तिगत कारणों से इस्‍तीफे की पेशकश की थी. इस कार्यकारिणी में बीजेपी सांसद एमजे अकबर और प्रसार भारती के प्रमुख ए. सूर्यप्रकाश भी शामिल हैं.

बीते दिनों केंद्र सरकार ने कहा था कि महेश रंगराजन के इस्तीफे की पेशकश पर वह फैसला करेगी. केंद्रीय संस्कृति मंत्री महेश शर्मा ने बताया था कि रंगाराजन ने इस्तीफे का प्रस्ताव दिया है, इसलिए सरकार और संस्‍थान की कार्यकारिणी इस पर फैसला करेगी. शर्मा ने यह भी कहा था कि केंद्र ने रंगाराजन की नियुक्ति को लेकर कानून मंत्रालय के अलावा चुनाव आयोग से राय मांगने की प्रक्रिया शुरू कर दी है.

नियुक्ति को विस्तार पर विवाद
गौरतलब है कि इससे पहले केंद्रीय मंत्री महेश शर्मा ने यूपीए सरकार के समय रंगाराजन की नियुक्ति को 10 साल के लिए बढ़ाने को गैरकानूनी करार दिया था. उनका कहना था कि चुनाव आयोग के आदेश का उल्‍लंघन कर रंगाराजन के कार्यकाल को विस्‍तार दिया गया और इस बारे में सरकार उचित कदम उठाएगी. इस मामले के तूल पकड़ने के कुछ ही दिनों बाद महेश रंगाराजन ने इस्तीफे की पेशकश कर दी थी.

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म्यूजियम ऑफ गवर्नेंस पर विचार
दूसरी ओर, नेहरू स्मारक संग्रहालय और पुस्तकालय को प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू पर केंद्रित न रखकर सरकार इसे म्यूजियम और गवर्नेंस बनाने पर विचार कर रही है. इसके तहत संग्रहालय में समकालीन भारत की शासन प्रणाली, पीएम नरेंद्र मोदी के स्मार्ट सिटी अभि‍यान की झलक और मंगल मिशन से जुड़ी चीजों को प्रदर्शि‍त करने पर विचार किया जा रहा है.

इस घटनाक्रम को नेहरू-गांधी विरासत पर केंद्र की एनडीए सरकार की ओर से किए जा रहे हमलों की कड़ी से जोड़कर देखा जा रहा है. हाल ही संचार मंत्रालय ने इंदिरा गांधी और राजीव गांधी के डाक टिकटों की छपाई भी बंद करने का फैसला किया है.

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