पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने रविवार को कहा कि उनके बेटे कार्ति के खिलाफ लगाए गए अघोषित संपत्ति के आरोप बेतुके, दुर्भावनापूर्ण और झूठे हैं. कांग्रेस के सीनियर नेता चिदंबरम ने कहा कि असली निशाना वह हैं.
योजना बनाकर रची गई है कहानी
चिदंबरम ने एक खबर का हवाला दिया और कहा कि मुझे फंसाकर बेटे के खिलाफ बेबुनियाद और बिना विवेक के आरोप लगाए गए हैं. उन्होंने कहा कि यह सब जानते हैं कि यह एक योजना के मुताबिक गढ़ी गई कहानी है.
उन्होंने कहा कि अगर नरेंद्र मोदी सरकार का मानना है कि कार्ति के पास अघोषित संपत्ति है तो वह एक रुपये लेकर वह सारी अघोषित संपत्ति सरकार को हस्तांतरित कर देंगे.
...तो सारी संपत्ति सरकार को दे देंगे
चिदंबरम ने कहा कि मैंने सरकार को कथित अघोषित संपत्तियों की सूची बनाने को कहा है. उन संपत्तियों को सरकार को हस्तांतरित करने के लिए जिस दस्तावेज की जरूरत होगी कार्ति चिदंबरम स्वेच्छा से एक रुपये प्रतीकात्मक रकम लेकर दे देंगे. सरकार को उन संपत्तियों का मालिक बनने दिया जाए.
आयकर विभाग कर रहा है संपत्ति का आकलन
उन्होंने कहा कि कार्ति पुश्तैनी संपत्ति का इंतजाम करने के अलावा कानूनी तरीके से व्यवसाय करते हैं. कई सालों से उनकी आय का आकलन होता रहा है. उन्होंने अपनी सारी संपत्तियां और देनदारियां घोषित कर रखी हैं. वह हर साल नियमित रूप से आयकर रिटर्न भरते रहे हैं. इसमें संपत्ति और देनदारी का ब्योरा भी होता है. आयकर विभाग साल 2013-14 तक का आकलन कर चुका है.
एयरसेल-मैक्सिस सौदे में लगा कार्ति पर आरोप
चिदंबरम ने कहा कि वह अपने परिवार के सभी सदस्यों की ओर से बयान जारी कर रहे हैं. कार्ति की कहीं भी कोई भी अघोषित संपत्ति नहीं है. संसद में अन्नाद्रमुक के सदस्यों ने एयरसेल-मैक्सिस सौदे का मुद्दा उठाते हुए कार्ति के खिलाफ आरोप लगाया था.
केशव कुमार / IANS