अनु प्रभाकर
'मिलिंद सोमण के आरएसएस से रिश्ते उजागर' इस तरह की खबर की सुर्खियों जैसे अंदेशे से डर नहीं लगता?
(हंसते हुए) तब मैंने इस तरह की बातें नहीं सुनीं, जैसी लोग आज करते हैं. उसमें सियासत या मजहब जैसा कुछ नहीं था. सच पूछिए तो स्वतंत्र बनने और स्वस्थ रहने के बारे में वहां मैंने काफी कुछ सीखा.
इक्कीस साल की उम्र में आप राष्ट्रीय तैराकी चैंपियन थे और सोल एशियाई खेलों में भाग लेने वाले थे लेकिन कोच के साथ पंगे के चलते आपका नाम हटा दिया गया.
मैं उस दर्द को भुला नहीं पाया हूं. मुझे अब भी उसका पछतावा है. लेकिन जरूरी यह होता है कि जिसमें आप दक्ष हैं, उसी में कोई नया रास्ता निकालें क्योंकि उससे आप अपने बारे में बहुत कुछ सीखते हैं.
आपकी खुराक क्या है?
फल और सब्जियां मैं खूब खाता हूं. आप अगर अपनी जीभ और स्वाद के हिसाब से चलने लगे तो शायद आप ऐसा खाना खाने लगेंगे, जो शरीर पर उलटा असर डाले.
आपने शराब, ड्रग और स्मोकिंग की लत के बारे में बात की है, जिससे आप उबर आए. इसके पीडि़तों को कोई सलाह?
यही कि आपका मकसद कभी नजरों से ओझल न हो. सियासत या मजहब जैसा कुछ.
हाल ही आप मैराथन धावक बन गए...
लोग मेरे पास आते हैं और कहते हैं, 'आपका अनुसरण कर 50 किलो वजन कम कर लिया.' पर भइए, 50 किलो लाद क्यों लिया था? चर्बी घटाने का शॉर्टकट नहीं है, फिटनेस का रिश्ता शरीर से नहीं दिमाग से है. पिछले कुछेक सालों में आपने जो गड़बड़ की है, सुधार लें बस.
और आप कॉस्मेटिक्स का इस्तेमाल नहीं करते?
मुझे इनका शौक ही नहीं रहा. कभी-कभी शैंपू लगाता हूं, जरूरत हुई तो. कॉस्मेटिक्स मेरे लिए सप्लीमेंट्स की तरह हैं.
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