जम्मू कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ़्ती शनिवार को एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान भावुक हो गईं. जम्मू में एक फ्लाई ओवर का उद्घाटन करने पहुंची महबूबा मुफ्ती को जब एक बच्ची ने गुलदस्ता भेंट किया तो उसे देखकर महबूबा को अपने स्कूली दिनों की याद आ गई. उन्होंने काफी देर तक उस बच्ची अनुश्री से बात की.
आठ साल की स्कूली छात्रा अनुश्री अपनी मुख्यमंत्री के स्वागत के लिए थी. जिससे मिलकर सीएम साहिबा काफी प्रभावित हुईं और उन्हें जम्मू में बिताए अपने बचपन के दिन याद आ गए, जब स्कूली दिनों में वो खूब मौज-मस्ती किया करती थीं. महबूबा मुफ़्ती ने अनुश्री को प्यार किया और उससे पूछा कि वो किस क्लास में पड़ती है.
समारोह में अपने भाषण के दौरान महबूबा मुफ्ती ने बताया कि कैसे वो श्रीनगर से आकर जम्मू में पढ़ती थीं और अपने पिता मुफ़्ती मोहम्मद सईद के दोस्त किशन देव सेठी के घर में रहा करती थीं. उन्होंने कहा कि सेठी जी का वह घर मेरा दूसरा घर था क्योंकि मेरे पिता ने मुझे हॉस्टल में ना रख कर दोस्त के घर में रखा था.
महबूबा ने वहां मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि बचपन का वक्त होता है. जब हम बच्चे मौज-मस्ती करते हैं. उस वक्त किसी भी तरह का तनाव और मौजूता वक्त जैसी व्यस्तताएं हमारी जिन्दगी में नहीं होती हैं.
महबूबा के भाषण में कांग्रेस नेता ने डाली बाधा
कांग्रेस के पूर्व पीडब्ल्यूडी मंत्री गुलचैन सिंह चरक ने मुफ्ती के भाषण के दौरान बाधा भी पैदा की. महबूबा के भाषण शुरू करते ही वह जम्मू में मिनी सचिवालय बनाने की मांग करने लगे. जम्मू में किसी तरह के विकास कार्य नहीं होने के कांग्रेस नेता गुलचैन चरक के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए महबूबा ने कहा कि जम्मू में कई पर्यटन स्थल हैं, जिनको विकसित करने की कोशिश की जा रही है.
अश्विनी कुमार