राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) नेता और पूर्व डिप्टी सीएम अजित पवार ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर मेरे कार्यकर्ताओं को धमकाया या हाथ लगाया तो करारा जवाब मिलेगा, मैंने चूड़ियां नहीं पहनी हैं.
दरअसल, अजित पवार अपने भतीजे रोहित पवार के चुनाव प्रचार में कर्जत जामखेड़ पहुंचे थे. यहां कार्यकर्ताओं ने उनसे कहा कि बीजेपी के लोग हमें धमकी दे रहे हैं. इस पर अजित पवार भड़क गए और बीजेपी को चेतावनी दी.
कौन हैं रोहित पवार?
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के अध्यक्ष शरद पवार के भाई के पोते रोहित पवार अहमदनगर की हाई-प्रोफाइल कर्जत-जामखेड सीट से चुनाव लड़ रहे हैं. 34 साल के आक्रामक, मृदुभाषी रोहित, मुंबई विश्वविद्यालय से बिजनेस मैनेजमेंट में स्नातक हैं और इस बार चुनावी राजनीति में कदम रखने और अपनी छाप छोड़ने के लिए पवार परिवार से पांचवें सदस्य बन गए हैं.
परिवार का राजनीतिक इतिहास
राजनीति में 55 साल के करियर में 78 वर्षीय पवार तीन बार मुख्यमंत्री रह चुके हैं और बतौर केंद्रीय मंत्री भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं. बारामाती से चार बार सांसद रहीं उनकी बेटी 50 वर्षीय सुप्रिया सुले राज्यसभा सदस्य भी रही हैं और सुप्रिया के चचेरे भाई अजीत पवार (60) राज्य के दो बार उपमुख्यमंत्री रहे हैं.
अजित पवार, पवार के बड़े भाई अनंतराव पवार के पुत्र हैं और हाल ही में तब सुर्खियों में आए, जब उन्होंने कथित महाराष्ट्र राज्य सहकारी बैंक घोटाला में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा अपने चाचा (शरद पवार) को नामजद किए जाने के बाद बारामती से विधायक के रूप में अचानक इस्तीफा दे दिया.
अजीत पवार ने मावल सीट से 2019 के लोकसभा चुनाव में 29 साल के अपने बेटे पार्थ पवार को लॉन्च किया था, लेकिन हार के साथ उन्होंने पवार परिवार की 'जीतने वाली छवि' को दागदार कर दिया. अब राजनीतिक आगाज करने जा रहे रोहित पवार राजेंद्र पवार के बेटे हैं. राजेंद्र, शरद पवार के भाई, अप्पासाहेब पवार के पुत्र हैं. रोहित पुणे जिला परिषद के सदस्य होने के अलावा प्रभावशाली भारतीय चीनी मिल संघ के अध्यक्ष भी हैं.
(IANS इनपुट के साथ)
पंकज खेळकर