पूछा- गांधी के नाम के आगे 'महात्मा' क्यों? कोर्ट ने लगाया जुर्माना

कोलकाता के जाधवपुर विश्वविद्यालय में रिसर्च स्कॉलर एस मुरुगनाथम ने ये जनहित याचिका दायर की थी. इस याचिका में देश की करेंसी पर गांधी जी के नाम के आगे 'महात्मा' शब्द का इस्तेमाल न करने की मांग की गई थी.

Advertisement
प्रतिकात्मक तस्वीर प्रतिकात्मक तस्वीर

रणविजय सिंह

  • चेन्नई ,
  • 14 नवंबर 2017,
  • अपडेटेड 1:27 PM IST

मद्रास हाई कोर्ट में नोट पर 'महात्मा' शब्द को इस्तेमाल न करने को लेकर एक पीआईएल (जनहित याचिका) दाखिल की गई थी. इस पीआईएल को चीफ जस्टिस इंदिरा बनर्जी और जस्ट‍िस एम सुंदर की पीठ ने सोमवार को खारिज कर दिया. साथ ही पीआईएल दाखिल करने वाले पर हाई कोर्ट का समय खराब करने के लिए 10 हजार का जुर्माना भी लगाया है.

Advertisement

कोर्ट ने कहा- समय बर्बाद करती हैं ऐसी याचिका

कोलकाता के जाधवपुर विश्वविद्यालय में रिसर्च स्कॉलर एस मुरुगनाथम ने ये जनहित याचिका दायर की थी. इस याचिका में देश की करेंसी पर गांधी जी के नाम के आगे 'महात्मा' शब्द का इस्तेमाल न करने की मांग की गई थी. मुरुगनाथम ने करेंसी पर 'महात्मा' लगाने की संवैधानिक वैधता का मुद्दा उठाया था. उसने करेंसी पर इस शब्द का इस्तेमाल न करने का निर्देश देने की मांग की थी. इस याचिका पर जस्टिस इंदिरा बनर्जी और जस्ट‍िस एम सुंदर की पीठ ने कहा- इस तरह की याचिका सिर्फ कोर्ट के काम में बाधा डालती हैं और कोर्ट के बहुमुल्य समय को बर्बाद करती हैं.

पीठ ने कहा- ये याचिका जनहित में नहीं है. इसके साथ ही पीठ ने याचिकाकर्ता पर 10 हजार का जुर्माना भी लगाया है. ये जुर्माना हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार में जमा किया जाएगा.

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement