केंद्र सरकार ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला और चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) एसए बोवडे की सुरक्षा बढ़ा दी है. गृह मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक, ओम बिड़ला को जेड श्रेणी की सुरक्षा दी गई है. पहले उनके पास सीआईएसएफ की सुरक्षा थी, लेकिन अब बदलाव करके सीआरपीएफ के जवानों को उनकी सुरक्षा में लगाया है.
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला के अलावा सीजेआई एसए बोवडे को भी जेड श्रेणी की सुरक्षा दी गई है. उनकी सुरक्षा में भी सीआरपीएफ के जवान तैनात रहेंगे.
गृह मंत्रालय ने इंटेलिजेंस ब्यूरो की रिपोर्ट के आधार पर सुरक्षा बढ़ाने का फैसला किया है. आईबी ने खतरे के आधार पर अपनी रिपोर्ट गृह मंत्रालय को भेजी थी.
वीआईपी लोगों से हटेगा एनएसजी कवर
इससे पहले गांधी परिवार से एसपीजी सुरक्षा वापस लेने के बाद अब मोदी सरकार ने पिछले दिनों सभी वीआईपी लोगों की सुरक्षा से एनएसजी कवर हटाने का फैसला लिया था.
सरकार से जुड़े सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक विशिष्ट लोगों को सुरक्षा देने के काम से अब राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) को दूर रखा जाएगा. इससे पहले भी गृह मंत्रालय सोनिया गांधी और राहुल गांधी की एसपीजी सुरक्षा हटाने के साथ-साथ कई बड़े नेताओं की सुरक्षा घटा चुका है.
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लगभग दो दशक बाद ऐसा हो रहा है कि जब एनएसजी के ब्लैक कैट कंमाडोज को अति विशिष्ट लोगों की सुरक्षा से दूर रखा जा रहा है. 1984 के दंगों के बाद जब एनएसजी का गठन हुआ था तब वीआईपी की सुरक्षा इस बल की जिम्मेदारियों में शामिल नहीं थी.
जेड प्लस सुरक्षा अति विशिष्ट लोगों को
आधुनिक हथियारों से लैस यह खास सुरक्षा दस्ता वीआईपी लोगों को सुरक्षा कवर देता है जो हुई है. ऐसे हर वीआईपी की सुरक्षा में करीब दो दर्जन कमांडो तैनात रहते हैं.
दो हफ्ते पहले एनएसजी के सूत्रों ने न्यूज एजेंसी पीटीआई को बताया था कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सुरक्षा में तैनात एनएसजी की जगह अब यह जिम्मेदारी जल्द ही अर्धसैनिक बलों को सौंप दी जाएगी.
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इन नेताओं के अलावा पूर्व मुख्यमंत्री मायावती, मुलायम सिंह यादव, चंद्रबाबू नायडू, प्रकाश सिंह बादल और फारूक अब्दुल्ला को भी एनएसजी सुरक्षा घेरा मिला हुआ है. इसके साथ ही असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल और पूर्व उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी को भी एनएसजी सुरक्षा मिली हुई है.
कमलजीत संधू