आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद के छोटे बेटे तेजस्वी यादव को शायद ही पहले कभी अपने जन्मदिन पर इतनी खुशी मिली होगी. सोमवार 9 नवंबर 2015 को तेजस्वी जहां 26 साल के हो गए, वहीं इससे एक दिन पहले ही विधानसभा में उनकी कुर्सी भी पक्की हो गई. इस दोहरी खुशी को आरजेडी प्रमुख के छोटे नवाब ने अपने अंदाज में कार्यकर्ताओं के साथ साझा भी किया.
बिहार के सियासी समर में महागठबंधन की जीत के सबसे बड़े सूरमा बनकर उभरे लालू प्रसाद की पार्टी को राज्य विधानसभा में 80 सीटें हासिल हुए हैं. रविवार को चुनाव नतीजों के बाद से ही उत्साहित सोमवार को अपने जन्मदिन पर जब जगे तो बाहर कार्यकर्ताओं और उनके चाहने वालों की लंबी कतार थी. सभी ने उन्हें जन्मदिन की बधाई दी. मिठाई खिलाई और फूलों की माला भेंट की.
'विकास है हमारी प्राथिमकता'
तेजस्वी कहते हैं, 'यह दोहरी खुशी का मौका है. पार्टी की जीत और मेरा जन्मदिन. इसलिए उत्साह और आनंद भी दोगुना है.' तेजस्वी ने अपने समर्थकों और कार्यकर्ताओं का मिठाई खिलाकर धन्यवाद किया.' अपने जन्मदिन पर तेजस्वी ने आगे कहा, 'हमारी प्राथमिकता विकास है. बिहार का विकास. हम बिहार को विकास के पथ पर आगे बढ़ाएंगे ताकि राज्य एक मॉडल बन सके.'
तीन नंबरी से टॉप पर
बिहार की राजनीति में आरजेडी के पुनर्जन्म के साथ ही तेज प्रताप और तेजस्वी ने राघोपुर और महुआ विधानसभा सीट से जीत दर्ज की है. 243 सदस्यीय बिहार विधानसभा में पिछली बार लालू की पार्टी को महज 22 सीटें मिली थीं और वो आंकड़ों के लिहाज से तीन नंबर की पार्टी के नेता बनकर रह गए थे.
स्वपनल सोनल