प्रेमी के बहनों से रेप कर निर्वस्त्र करने के फरमान से खाप पंचायत ने किया इंकार

वेस्ट यूपी के बागपत के साकरौंद गांव में पंचायत करके एक दलित परिवार की दो बेटियों के साथ रेप करके निर्वस्त्र करने के शर्मनाक फरमान से खाप ने इंकार कर दिया है.

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पंचायत करके एक दलित परिवार की दो बेटियों के साथ रेप का शर्मनाक फरमान सुनाया पंचायत करके एक दलित परिवार की दो बेटियों के साथ रेप का शर्मनाक फरमान सुनाया

aajtak.in

  • बागपत,
  • 02 सितंबर 2015,
  • अपडेटेड 7:52 PM IST

वेस्ट यूपी के बागपत के साकरौंद गांव में पंचायत करके एक दलित परिवार की दो बेटियों के साथ रेप करके निर्वस्त्र करने के शर्मनाक फरमान से खाप ने इंकार कर दिया है. पंचायत का कहना है कि उसने ऐसा कोई फैसला नहीं सुनाया है. इस बीच यह मामला राजनीतिक रंग भी लेता जा रहा है. सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद गांव में पीएसी तैनात है. लेकिन गांववालों के चेहरे पर तनाव साफ देखा जा सकता है.

पीड़ितों के मुताबिक, पंचायत ने उनकी दो बेटियों के साथ रेप और सबके सामने निर्वस्त्र करने का फरमान सुनाया है. इस खौफ से दोनों लड़कियां महीनों पहले घर छोड़कर चली गईं. वे अब वापस लौटने को तैयार नहीं हैं. उनका गुनाह सिर्फ इतना है कि उनके भाई ने गांव की एक लड़की से प्यार किया. बाद में वे दोनों भाग गए. उस लड़के को सजा देने के लिए खाप पंचायत ने ये सजा सुनाई है.


जानकारी के मुताबिक, पीड़ित दलित परिवार का यह लड़का गांव की एक लड़की से प्यार करता था. लड़की की बिरादरी के लोगों को इसकी भनक लगी तो उसकी शादी कर दी गई. फरवरी 2015 में लड़की की शादी हो गई. लड़की मार्च में ससुराल से आ गई. वह अप्रैल, 2015 में दलित लड़के के साथ फरार हो गई. कुछ दिनों बाद दिल्ली के महरौली से दोनों को बरामद किया गया. मई में दोबारा दोनों फरार हो गए.


27-28 मई, 2015 की रात मेरठ में दोनों को पुलिस ने बरामद कर लिया. लड़की वालों के दबाव में लड़के को नारकोटिक्स एक्ट में जेल भेज दिया गया. उसके बाद 30 जुलाई, 2015 को खाप पंचायत का फरमान आया. दलित लड़के से बदला लेने के लिए उसकी दोनों बहनों से रेप का फैसला सुनाया गया. दलित परिवार की दोनों लड़कियों ने सुप्रीम कोर्ट से गुहार लगाई है कि उन्हें इंसाफ़ दिया जाए. सीबीआई जांच की जाए.


बागपत में खाप पंचायत के डर से दिल्ली में छिपकर रहने वाली दो बहनों का कहना है कि वो पूरी तरह सुरक्षा दिए जाने के बाद ही वापस लौटेंगी. इसी बीच कई दिनों बाद लड़की के माता-पिता पुलिस सुरक्षा के बीच घर लौट आए हैं. गांव में पुलिस तैनात है. इसी बीच कहा जा रहा है कि लड़की को भगाने वाले लड़के की बहनों से रेप का फरमान सुनाया ही नहीं गया. ऐसी किसी पंचायत से भी इंकार किया जा रहा है.


यह मामला अब सुप्रीम कोर्ट की दहलीज़ पर पहुंच चुका है. लड़कियों की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार, यूपी और दिल्ली पुलिस से 14 सितंबर तक जवाब मांगा है. गांववालों की माने तो प्रेम प्रसंग से शुरू हुआ ये मामला अब दो बिरादरियों के टकराव की वजह बन गया है. हालात पूरी तरह शांतिपूर्ण हैं, लेकिन दोनों तरफ़ तनाव बना हुआ है. इस मामले में सियासी पार्टियां भी दिलचस्पी ले रही हैं.

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