केरल के कोझिकोड में एक सिख छात्र की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है. भारतीय जनता पार्टी की युवा ईकाई ने आज गुरुवार को सिख छात्र की मौत के मामले में जांच की मांग करते हुए प्रदर्शन किया, जिनको तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया और कई लोगों को हिरासत में ले लिया.
इस मौत पर राज्य में लगातार प्रदर्शन हो रहा है. बीजेपी यूथ विंग के अलावा राज्य के कई अन्य छात्र संगठन भी मौत के मामले की जांच की मांग करते हुए प्रदर्शन कर रहे हैं.
इससे पहले कोझिकोड के मालाबार क्रिश्चियन कॉलेज में रविवार को ग्रेजुएशन में फाइनल ईयर के छात्र ने उस समय कथित तौर पर खुदकुशी कर ली थी जब उसे सोमवार से शुरू हो रही परीक्षा में भाग लेने से मना कर दिया गया था. हालांकि उसके पास से कोई सुसाइट नोट बरामद नहीं हुआ है.
21 वर्षीय जसप्रीत सिंह मालाबार क्रिश्चियन कॉलेज में बीए इकोनॉमिक्स में फाइनल ईयर के छात्र थे और अंतिम वर्ष में पढ़ाई कर रहे थे. जसप्रीत सिंह को उनकी मां ने रविवार दोपहर साढ़े 12 बजे कोर्ट कॉम्प्लेक्स के पास अपने अपार्टमेंट में सीलिंग फैन से लटकता पाया.
स्कूल प्रबंधन ने उन्हें इसलिए परीक्षा देने के अयोग्य घोषित कर दिया था क्योंकि उनकी परीक्षा के लिए जरूरी उपस्थिति पर्याप्त नहीं थी. जबकि कालीकट यूनिवर्सिटी के नियम के मुताबिक कम से कम 75 फीसदी उपस्थिति होनी चाहिए लेकिन उनकी उपस्थिति महज 68 फीसदी थी.
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कोझिकोड के प्रिंसिपल की ओर से यह कहा गया कि यह तीसरी बार है जब जसप्रीत सिंह की उपस्थिति कम रही और परीक्षा की संभावना खत्म हो गई थी.
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दूसरी ओर जसप्रीत सिंह के रिश्तेदारों का हवाला देते हुए पुलिस की ओर से कहा गया कि वह अपने दादा के अंतिम संस्कार में शामिल होने गया था जिस कारण उसकी 2 से 3 हफ्ते तक क्लास मिस हो गई.
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