कांग्रेस का आरोप, बूथ कैप्चरिंग की प्लानिंग में बीजेपी, EC को लिखी चिट्ठी

कर्नाटक में होने वाले विधानसभा उपचुनावों में कांग्रेस ने भारतीय जनता पार्टी पर बूथ कैप्चरिंग की प्लानिंग का आरोप लगाया है. कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने चुनाव आयोग को पत्र लिखकर इसकी जानकारी दी है.

Advertisement
राहुल गांधी (फाइल फोटो) राहुल गांधी (फाइल फोटो)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 02 दिसंबर 2019,
  • अपडेटेड 1:24 AM IST

कर्नाटक में होने वाले विधानसभा उपचुनावों में कांग्रेस ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर बूथ कैप्चरिंग की प्लानिंग का आरोप लगाया है. कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने चुनाव आयोग को पत्र लिखकर इसकी जानकारी दी है.

पत्र में कहा गया है कि भारतीय जनता पार्टी केआर पुरम विधानसभा में बूथ कैप्चरिंग की तैयारी कर रही है. कांग्रेस ने इस इलाके में पैरामिलिट्री फोर्सेज की तैनाती की मांग की है. 5 दिसंबर को कर्नाटक में उपचुनाव कराए जाएंगे.

Advertisement

कर्नाटक में 15 विधानसभा सीटों पर पांच दिसंबर को होने वाले उपचुनाव में 128 निर्दलीय उम्मीदवारों सहित कुल 248 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं. मतगणना 9 दिसंबर को होगी.

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और विपक्षी दल कांग्रेस तथा जनता दल (सेकुलर) सभी 15 सीटों पर अलग-अलग लड़ रहे हैं, जिससे मुकाबला त्रिकोणीय हो गया है.

जुलाई में तत्कालीन गठबंधन सरकार के खिलाफ कांग्रेस के 14 और जद (एस) के तीन बागी विधायकों द्वारा अपनी-अपनी सीटों से इस्तीफा देने के बाद उन्हें अयोग्य करार दिए जाने के कारण इन सीटों पर उपचुनाव कराया जा रहा है.

पूर्व विधानसभा अध्यक्ष के.आर. रमेश कुमार ने 25-28 जुलाई को हालांकि पार्टी के व्हिप की उपेक्षा करने के कारण 17 विधायकों को कथित रूप से अयोग्य करार दिया था, लेकिन मई 2018 में हुए विधानसभा चुनाव के परिणाणों पर कर्नाटक हाईकोर्ट में एक मुकदमे कारण मुस्की (रायचूर जिला) और आर.आर. नगर (बेंगलुरू दक्षिण-पचिम) के विधानसभा चुनाव रद्द कर दिए गए हैं.

Advertisement

अथानी, कागवाड, गोकक, येल्लापुरा, हीरकपुर, रानीबेन्नूर, विजयनगर, चिकबल्लापुरा, के.आर. पुरा, यश्वंतपुरा, महालक्ष्मी लेआउट, शिवाजीनगर, होसकोट, के.आर. पेटे और हनसुर में उपचुनाव होने हैं.

गठबंधन सरकार के बागी विधायकों की अनुपस्थिति में 23 जुलाई को विधानसभा में मुख्यमंत्री एच.डी. कुमारस्वामी के विश्वास मत साबित नहीं कर पाने के कारण 14 महीनों की गठबंधन सरकार गिर गई थी, जिसके बाद गठबंधन साझेदार कांग्रेस और जद (एस) ने उपचुनाव में अलग-अलग उम्मीदवार उतारने का फैसला किया है.

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement