यूएई से जारी हुआ नया फतवा- इस्लाम की नजर में मंगल ग्रह पर जाना खुदकुशी करने जैसा

मंगल ग्रह पर जाना इस्लाम के खिलाफ है! चौंकिए मत ये नया फतवा आया है संयुक्त अरब अमीरात से. यूएई के जनरल अथॉरिटी ऑफ इस्लामिक अफेयर्स एंड एन्डोवमेंट (GAIAE) की एक कमिटी ने ये फतवा जारी किया है.

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aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 21 फरवरी 2014,
  • अपडेटेड 2:00 PM IST

मंगल ग्रह पर जाना इस्लाम के खिलाफ है! चौंकिए मत ये नया फतवा आया है संयुक्त अरब अमीरात से. यूएई के जनरल अथॉरिटी ऑफ इस्लामिक अफेयर्स एंड एन्डोवमेंट (GAIAE) की एक कमिटी ने ये फतवा जारी किया है.

एक ओर नासा और यूरोपियन स्पेस एजेंसी जैसी दुनिया की बड़ी अंतरिक्ष एजेंसियां मंगल ग्रह पर अंतरिक्षयात्री भेजने और वहां स्टेशन बनाने की तैयारियों में जुटी हैं. वहीं दूसरी ओर ये नया फतवा जारी किया गया.

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खबरों के मुताबिक GAIAE के मौलवियों की एक कमेटी ने ये फतवा द मार्स वन ऑर्गेनाईजेशन की मंगल ग्रह पर एक स्थायी मानव बेस बनाने की घोषणा के बाद जारी किया. खलीज टाइम्स ने GAIAE के हवाले से लिखा- 'मंगल ग्रह के इस एकतरफा सफर से जिंदगी के लिए भारी खतरा पैदा हो जाएगा और इस्लाम में इसे कभी सही नहीं कहा जाएगा. मंगल पर जाने और वहां रहने की कोशिश करना आत्मघाती होगा और इससे लोगों की जान जा सकती है, जिसकी इजाजत इस्लाम नहीं देता है.'

मंगल के सफर के खिलाफ फतवा जारी करने वाली GAIAE कमेटी के अध्यक्ष प्रोफेसर डॉ. फारुख हम्दा ने कहा कि सभी मुमकिन खतरों से जिंदगी की हिफाजत करने की बात सभी धर्मों में कही गई है. मंगल पर जाने वाले अंतरिक्षयात्रियों को भारी जोखिम उठाना पड़ेगा और ऐसा भी हो सकता है कि वो जिंदा न बचें. ऐसे में उन्हें खुदकुशी करने वाले की तरह ही देखा जाएगा. इस्लाम खुदकुशी करने की इजाजत नहीं देता है.

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गौरतलब है कि संयुक्त अरब अमीरात का धार्मिक संगठन GAIAE 2008 में अस्तित्व में आने के बाद से अब तक अलग-अलग मुद्दों पर करीब 20 लाख फतवे जारी कर चुका है.

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