ISI के हनी ट्रैप से निपटने के लिए सेना ने उठाया बड़ा कदम

आज तक के पास सेना के खुफिया विभाग के ऑर्डर की एक्सक्लूसिव कॉपी है. इसमें सेना में जवानों और अधिकारियों के लिए व्हाट्सएप जैसे सोशल मैसेजिंग के इस्तेमाल पर रोक लगाने के लिए कहा गया है.

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सोशल मैसेजिंग के इस्तेमाल पर रोक लगाने की सिफारिश सोशल मैसेजिंग के इस्तेमाल पर रोक लगाने की सिफारिश

मुकेश कुमार / मंजीत नेगी

  • नई दिल्ली,
  • 30 दिसंबर 2015,
  • अपडेटेड 8:23 AM IST

हुस्न के जाल में फंस कर वायुसेना से जुड़ी कई अहम जानकारी आईएसआई तक पहुंचाने वाले लीड ऐयरक्राफ्ट मैन केके रंजीत की गिरफ्तारी के बाद देश की तीनों सेनाएं सकते में हैं. अब खुफिया एजेंसियां तीनों सेनाओं में दो हजार से ज्यादा अधिकारियों और जवानों के फेसबुक अकाउंट की जांच कर रही हैं. भारतीय सेना ने भी आईएसआई की विषकन्या और हनी ट्रैप से निपटने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है.

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'आज तक' के पास सेना के खुफिया विभाग के ऑर्डर की एक्सक्लूसिव कॉपी है. इसमें सेना में जवानों और अधिकारियों के लिए व्हाट्सएप जैसे सोशल मैसेजिंग के इस्तेमाल पर रोक लगाने के लिए कहा गया है. सेना अपने जवानों के लिए फेसबुक, वीचैट, हाईक, व्हाट्सएप के इस्तेमाल के लिए नई गाइड लाइन बनाने जा रही है, ताकि उनको आईएसआई की विषकन्याओं के हनी ट्रैप से बचाया जा सके.

कॉल सेंटर के जरिए ऑपरेट होता हनी ट्रैप
रक्षा विशेषज्ञ विंग कमांडर प्रफुल्ल बक्शी ने बताया कि भारतीय सेना के जवानों के फंसाने के लिए आईएसआई ने पाकिस्तान और उसके बाहर कई कॉल सेंटर खोले हैं. इनमें खूबसूरत लड़कियां दिन-रात फेसबुक, वीचैट, हाईक और व्हाट्सएप के जरिए भारतीय सेना के जवानों से संपर्क साधने की कोशिश करती रहती हैं. आईएसआई का एक अधिकारी इन पर नजर रखता है. इनके द्वारा फेसबुक पर एक आईडी बनाई जाती है.

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इस तरह जाल में फंसाता है आईएसआई
इस फेसबुक पर प्रोफाइल पर एक सुंदर महिला की फोटो होती है. उसे एक महिला ही ऑपरेट कर रही होती है. इसके बाद उससे भारतीय सेना के जवानों को रिक्वेस्ट भेजी जाती है. यहीं से शुरू बातचीत का सिलसिला होता है. पहले तो सामान्य बात होती है. धीरे-धीरे आईएसआई एजेंट भारतीय जवान को अपने जाल में फांसकर देश की खुफिया जानकारी जुटाना शुरू कर देती हैं. इसके लिए पैसे का लालच भी दिया जाता है.

ऐसे हनी ट्रैप के जाल में फंसा जवान
बताते चलें कि हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा से भारतीय सेना के जवान सुनीत कुमार को जब पुलिस ने पकड़ा तो आस-पास के लोग हैरत में पड़ गए. किसी को समझ में नहीं आया कि आखिर उसने गुनाह क्या किया है. दरअसल खुद सुनीत को अपना गुनाह बहुत देर में समझ आया. उसे बाद में पता चला कि वह आईएसआई के एक ऐसे खूबसूरत जाल में फंस चुका है, जिसे कहा हनी ट्रैप जाता है.

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