वेलिंगटन में भारत की जीत, न्यूजीलैंड को ODI सीरीज में 4-1 से दी मात

India vs New Zealand, 5th One Day International: भारतीय टीम ने वेलिंगटन में खेले गए पांचवें और आखिरी वनडे मैच में न्यूजीलैंड को 35 रन से मात देकर पांच मैचों की वनडे सीरीज में 4-1 से ऐतिहासिक जीत हासिल की है.

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India vs New Zealand, 5th One Day International India vs New Zealand, 5th One Day International

तरुण वर्मा

  • वेलिंगटन,
  • 03 फरवरी 2019,
  • अपडेटेड 3:54 PM IST

भारतीय टीम ने वेलिंगटन में खेले गए पांचवें और आखिरी वनडे मैच में न्यूजीलैंड को 35 रनों से मात देकर पांच मैचों की वनडे सीरीज में 4-1 से ऐतिहासिक जीत हासिल की है. अंबति रायडू की विषम परिस्थितियों में खेली गई बड़ी अर्धशतकीय पारी और हार्दिक पंड्या के ऑलराउंड खेल से भारत ने पांचवें और अंतिम वनडे में रविवार को यहां न्यूजीलैंड को 35 रनों से शिकस्त देकर पांच मैचों की सीरीज 4-1 से जीती. अंबति रायडू को 'मैन ऑफ द मैच' और मोहम्मद शमी को 'मैन ऑफ द सीरीज' का अवॉर्ड दिया गया. मोहम्मद शमी ने न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में कुल 9 विकेट झटके हैं. भारत का शीर्ष क्रम फिर से नहीं चल पाया और एक समय उसका स्कोर चार विकेट पर 18 रन था.

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रायडू (113 गेंदों पर 90 रन) ने विजय शंकर (64 गेंदों पर 45 रन) के साथ पांचवें विकेट के लिए 98 और केदार जाधव (45 गेंदों पर 34 रन) के साथ छठे विकेट के लिए 74 रनों की उपयोगी साझेदारियां कर भारत को शुरुआती झटकों से उबारा. पंड्या ने स्लॉग ओवरों में 22 गेंदों पर पांच छक्कों की मदद से 45 रनों की तूफानी पारी खेली, जिससे भारत ने 49.5 ओवरों में 252 रन बनाए. न्यूजीलैंड की टीम इसके जवाब में 44.1 ओवर में 217 रन ही बना पाई. उसके लिए जेम्स नीशाम ने सर्वाधिक 44 रन बनाए. भारतीय मध्यक्रम पर अच्छा प्रदर्शन करने का दबाव था और इस मैच में रायडू की पारी ने मुख्य अंतर पैदा किया. इससे भारत ने मैट हेनरी (35 रन देकर चार) और ट्रेंट बोल्ट (39 रन देकर तीन) के झटकों के बावजूद चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा करने में सफल रहा.

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इसके बाद मोहम्मद शमी (35 रन देकर दो) ने न्यूजीलैंड का शीर्ष क्रम झकझोरा, जबकि युजवेंद्र चहल (41 रन देकर तीन), पंड्या (50 रन देकर दो) और जाधव (34 रन देकर एक) ने मध्यक्रम के बल्लेबाजों को पारी संवारने का मौका नहीं दिया. शमी ने दोनों सलामी बल्लेबाजों हेनरी निकोल्स (आठ) और कॉलिन मुनरो (24) को ज्यादा देर तक नहीं टिकने दिया. निकोल्स ने उठती हुई गेंद पर शॉर्ट मिडविकेट पर कैच थमाया, जबकि मुनरो ने उनकी ऑफ स्टंप से बाहर जाती गेंद विकेटों पर खेली.

पंड्या ने 11वें ओवर में गेंद संभाली और अपनी दूसरी गेंद पर ही फॉर्म में चल रहे रॉस टेलर (एक) को एलबीडब्ल्यू आउट कर दिया, जिससे स्कोर तीन विकेट पर 38 रन हो गया. कप्तान केन विलियमसन (39) और टॉम लाथम (37) ने बीच में 15 ओवरों में कोई विकेट नहीं गिरने दिया और इस बीच 67 रनों की साझेदारी की. विलियमसन ने ऐसे में जाधव की गेंद पुल शॉट से हवा में लहराई, जिसे शिखर धवन ने आसानी से कैच किया. चहल ने इसके बाद लाथम और नए बल्लेबाज कॉलिन डि ग्रैंडहोम (11) को एलबीडब्ल्यू आउट कर कीवी टीम को बैकफुट पर भेजा.

नीशाम ने शमी और भुवनेश्वर दोनों पर करारे शॉट खेलकर मैच को रोमांचक बनाने की कोशिश की, लेकिन उनके अजीबोगरीब तरीके से रन आउट होने के साथ न्यूजीलैंड की रही सही उम्मीदों पर पानी फिर गया. जाधव ने नीशाम के खिलाफ एलबीडब्ल्यू की अपील की, जिसे अंपायर ने ठुकरा दिया. बल्लेबाज आगे निकल गया, लेकिन महेंद्र सिंह धोनी सतर्क थे और उन्होंने रन आउट करने में देर नहीं लगाई. इसके बाद भारत की जीत तय हो गई थी. इससे पहले रोहित ने तेज गेंदबाजों के लिए अनुकूल परिस्थितियों में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने की चुनौती ली.

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हेमिल्टन में भारत 92 रनों पर ढेर हो गया था. वहां की तरह वेस्टपैक स्टेडियम में भी गेंद स्विंग कर रही थी, जिसमें रोहित और धवन सहित भारतीय बल्लेबाजों को संघर्ष करना पड़ा. पिछले मैच में पांच विकेट लेने वाले बोल्ट और हेनरी ने पूरी तेजी दिखाई और गेंद को अच्छी तरह से स्विंग किया, जिससे भारत पर फिर से 100 रनों से कम स्कोर पर आउट होने का खतरा मंडराने लगा. भारतीय बल्लेबाजों का शॉट का चयन भी अच्छा नहीं रहा. रोहित को हेनरी ने स्विंग लेती खूबसूरत गेंद पर बोल्ड किया, जबकि बोल्ट ने भी स्विंग का सहारा लेकर चोटिल होने के कारण पिछले दो मैचों में नहीं खेल पाने वाले धोनी (एक) की गिल्लियां बिखेरीं.

इस बीच धवन (छह) ने थर्ड मैन पर कैच थमाया, जबकि युवा शुभमन गिल ने कवर पर खड़े क्षेत्ररक्षक को कैच का अभ्यास कराया. जब भारत गहरे संकट में फंसा था तब रायडू और शंकर ने जुझारूपन दिखाया. शुरू में शंकर अधिक सहज लग रहे थे, जबकि रायडू ने विकेट बचाये रखने को तरजीह दी. शंकर को जाधव से ऊपर छठे नंबर पर भेजा गया था. शंकर का भाग्य ने साथ नहीं दिया और रायडू के साथ गफलत में रन आउट होने के कारण अर्धशतक से चूक गए. रायडू ने इसके बाद कॉलिन डि ग्रैंडहोम पर लगातार दो चौके लगाकर अपना दसवां वनडे अर्धशतक पूरा किया.

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इसके बाद उन्होंने कॉलिन मुनरो पर लगातार दो छक्के लगाए. रायडू की पारी में आठ चौके और चार छक्के शामिल हैं. रायडू के आउट होने के बाद पंड्या ने जिम्मेदारी संभाली. उन्होंने लेग स्पिनर टॉड एस्टल पर लगातार तीन छक्के लगाए. वनडे में चौथी बार उन्होंने ऐसा कारनामा किया. उन्होंने बोल्ट को भी नहीं बख्शा और उन पर मिडविकेट छक्का जड़ा.

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