भारत और चीन के सैनिकों के बीच गलवान घाटी के पास हिंसक झड़प हुई है. इस झड़प में भारतीय सेना के एक अफसर और दो जवान शहीद हो गए हैं. पिछले काफी लंबे वक्त से लद्दाख में जारी तनाव के बीच अब मामला गंभीर होता जा रहा है. इस खबर के बाद अब विपक्ष की ओर से सवाल खड़े किए गए हैं, साथ ही सरकार से स्थिति स्पष्ट करने को कहा गया है.
उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मंगलवार को ट्वीट कर लिखा कि गलवान वैली, लद्दाख से चीनी मुठभेड़ में हमारे कमांडिग ऑफ़िसर और दो सैनिकों की शहादत का समाचार मिला है. भावपूर्ण नमन. सरकार से इन हालातों में भारत-चीन सीमा पर वास्तविक स्थिति के स्पष्टीकरण की अपेक्षा है.
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की ओर से ट्वीट में लिखा गया कि अगर सैनिक वापसी के दौरान की प्रक्रिया में हमारे तीन जवान शहीद हो गए हैं, तो युद्ध की परिस्थिति में क्या होगा.
AIMIM के नेता असदुद्दीन ओवैसी ने भी ट्वीट कर सवाल किया है. ओवैसी ने कहा है कि अगर ये हुआ है तो सरकार को तुरंत सफाई देनी चाहिए और देश को मामले की सच्चाई बताना चाहिए.
मंगलवार को हुई इस घटना को लेकर सेना की ओर से बयान जारी किया गया है. भारतीय सेना की ओर से जारी किए गए आधिकारिक बयान में कहा गया है, ‘गलवान घाटी में सोमवार की रात को डि-एस्केलेशन की प्रक्रिया के दौरान भारत और चीन के सैनिकों के बीच हिंसक झड़प हुई. इस दौरान भारतीय सेना के एक अफसर और दो जवान शहीद हो गए हैं. दोनों देशों के वरिष्ठ सैन्य अधिकारी इस वक्त इस मामले को शांत करने के लिए बड़ी बैठक कर रहे हैं’.
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