करदाताओं के लिए अच्छी खबर है. आयकर विभाग अब 7 से 10 दिन की कम अवधि में रिफंड करदाताओं के खातों में भेजेगा. इसकी वजह विभाग की प्रौद्योगिकी का उन्नत होना तथा आधार आधारित आईटीआर सत्यापन का सफलतापूर्वक शुरू होना है.
आयकर रिटर्न (आईटीआर) का सत्यापन आधार या अन्य बैंक डेटाबेस से करने के विभाग के ताजा सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है. इससे कर अधिकारी आकलन वर्ष 2015-16 के लिए रिफंड का प्रसंस्करण और उसे बैंक खातों में 15 दिन से कम समय में भेजने में कामयाब हुए हैं.
इस प्रक्रिया से जुड़े विभाग के एक शीर्ष अधिकारी ने कहा कि यह अब बीते दिनों की बात हो गई है में साल लग जाते थे. नई इलेक्ट्रॉनिक सत्यापन ई-फाइलिंग प्रणाली ग्राहकों के बेहद अनुकूल साबित हुई है और इसके लिए करदाताओं को धन्यवादस्वरूप विभाग यह सुनिश्चित करने की दिशा में काम कर रहा है कि करदाताओं का रिफंड एक सप्ताह के भीतर या अधिकतम 10 दिन में भेज दिया जाए.
ताजा आंकड़ों के अनुसार विभाग ने 7 सितंबर, 2015 तक इलेक्ट्रॉनिक रूप से भरे गए 2.06 करोड़ रिटर्न प्राप्त किए. यह पिछले साल ऑनलाइन भरे गए 1.63 करोड़ रिटर्न के मुकाबले 26.12 प्रतिशत अधिक है. . विभाग के सेंट्रल प्रोसेसिंग सेंटर (सीपीसी) ने सात सितंबर 45.18 लाख रिटर्न का प्रसंस्करण किया और 22.14 लाख करदाताओं को आकलन वर्ष 2015-16 के लिये रिफंड जारी किए. इस अवधि के दौरान विभाग ने इलेक्ट्रॉनिक रूप से 32.95 लाख ई-रिटर्न सत्यापित किए.
इनपुट : भाषा
aajtak.in