शौचालय नहीं होने पर ससुराल से तोड़ा नाता

क्रांति के मामले में बिहार कभी भी पीछे नहीं रहा है. इस बार भी यहां एक नई सामाजिक क्रांति शुरू हुई है और सामाजिक क्रांति की शुरुआत की है कटिहार की पूजा ने. बिहार के कटिहार जिले की नवविहाहिता पूजा को जब ससुराल में शौचालय नहीं मिला, तो पूजा ने सुसराल छोड़ने का ही फैसला कर लिया और अपने मायके वापस लौट आई. अब उसकी सहेलियां भी यही बात दोहरा रही हैं कि जहां शौचालय नहीं होगा, वह वहां विवाह नहीं करेंगी.

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aajtak.in

  • कटिहार,
  • 16 जून 2014,
  • अपडेटेड 2:51 PM IST

क्रांति के मामले में बिहार कभी भी पीछे नहीं रहा है. इस बार भी यहां एक नई सामाजिक क्रांति शुरू हुई है और सामाजिक क्रांति की शुरुआत की है कटिहार की पूजा ने. बिहार के कटिहार जिले की नवविहाहिता पूजा को जब ससुराल में शौचालय नहीं मिला, तो पूजा ने सुसराल छोड़ने का ही फैसला कर लिया और अपने मायके वापस लौट आई. अब उसकी सहेलियां भी यही बात दोहरा रही हैं कि जहां शौचालय नहीं होगा, वह वहां विवाह नहीं करेंगी.

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कटिहार जिले के कुर्सेला थाना क्षेत्र के नवाबगंज पूर्वी टोला के सहदेव मंडल की विधवा यशोदा ने अपनी बेटी पूजा का विवाह बड़े धूमधाम के साथ बरारी प्रखंड के सेमापुर सकरौली के प्रकाश मंडल से छह महीने पहले किया था. पूजा जब ससुराल पहुंची तब उसे खुले में शौच जाने को कहा गया, जिससे उसके नारी मन को ठेस पहुंची. नवविवाहिता होने के कारण कुछ दिन तो वह मुंह नहीं खोल सकी. कुछ दिनों के बाद उसने ससुराल वालों से घर में शौचालय बनावाने की बात कही, लेकिन शौचालय नहीं बनवाया गया. आखिरकार पूजा अपने पति और सास-ससुर से नाता तोड़कर वापस मायके आ गई.

पूजा ने बताया कि ससुराल वालों ने उसके मायके पहुंचकर उसे वापस आने के लिए भी मनाया. इसके बाद पंचायत भी बैठी, जिसमें तय हुआ कि जब तक ससुराल वाले घर में शौचालय नहीं बनवाते, तब तक पूजा ससुराल नहीं जाएगी. इधर, पूजा की बचपन की सहेली सविता कुमारी भी कहती हैं कि पूजा ने जिस सामाजिक क्रांति का बिगुल फूंका है, उसने हमारी भी आंखें खोल दी हैं. सभी लड़कियों को उस जगह विवाह नहीं करना चाहिए, जहां शौचालय नहीं हो.

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इधर, पूजा के पति प्रकाश अब घर में शौचालय बनवाने के लिए सरकारी मदद की गुहार लगा रहे हैं. उल्लेखनीय है कि पटना के बिहटा के सदीशोपुर निवासी अलख निरंजन तिवारी की पत्‍नी पार्वती ने भी पिछले वर्ष अप्रैल में ससुराल में शौचालय नहीं होने पर महिला हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराई थी और तलाक की मांग की थी. वह ससुराल में शौचालय के लिए पति से बराबर शिकायत करती थी, जिसके कारण पति अक्सर मारपीट करता था.

वर्ष 2012 में पार्वती को पति ने मायके भेज दिया था, जिसके बाद पार्वती ने तलाक की मांग की थी. इसके बाद सुलभ इंटरनेशनल पार्वती की मदद के लिए सामने आया. शौचालय नहीं होने पर पति से तलाक की मांग करने वाली पार्वती को सुलभ इंटरनेशनल द्वारा पिछले महीने नकद पुरस्कार और सम्मान पत्र देकर सम्मानित भी किया है.

पार्वती के ससुराल सदीशोपुर में शौचालय का निर्माण कार्य पूरा कर हो चुका है और अब पार्वती अपने ससुराल वापस लौट चुकी है.

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