पाटीदार नेता और देशद्रोह के आरोप में जेल की सजा काटने वाले हार्दिक पटेल शनिवार को एक साल बाद अपने घर विरमगांव पहुंचे. हार्दिक के घरवालों ने मिठाई के साथ स्वागत किया. गुजरात छोड़ने से पहले जब हार्दिक पटेल अपने घर पहुंचे तो उनकी मां ने उनका मुंह मीठा करवाया. हार्दिक की दो बहनों और मां ने उनके साथ गरबा भी खेला.
हार्दिक ढोल-नगाड़े के साथ अपने घर पहुंचे थे. घर में उनके लिए खास पूजा का आयोजन किया गया. पूजा के बाद हार्दिक ने अपनी मां के हाथों से बनें ढोकले खाए. दूसरी तरफ हार्दिक पटेल ने बताया है कि वे देशद्रोह का मतलब समझने के लिए दिल्ली जाकर कन्हैया कुमार से मुलाकात करेंगे.
आरक्षण के लिए किया गया आंदोलन राष्ट्रद्रोह कैसे हो सकता है. उन्होंने कहा कि वह दिल्ली में जेएनयू जाकर कन्हैया कुमार से मिलेंगे और राष्ट्रद्रोह का मतलब समझने की कोशिश करेंगे.
अगले छह महीने राजस्थान होगा ठिकाना
हार्दिक पटेल ने कोर्ट में एक एफिडेविट जमा कर यह बताया है कि वे अगले छह महीने राजस्थान में रहेंगे. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि राजस्थान में रहकर भी पाटीदार आंदोलन जारी रखेंगे. हार्दिक को कोर्ट में अपना पासपोर्ट जमा करवाने के भी आदेश दिए गए थे लेकिन हार्दिक के वकीलों ने बताया कि उनके पास कोई पासपोर्ट नहीं है.
प्रियंका झा / गोपी घांघर / कमलेश सुतार