कोरोना और लॉकडाउन का असर, मार्च में GST कलेक्शन 1 लाख करोड़ से नीचे

केंद्र सरकार ने जनवरी में मार्च के लिए जीएसटी कलेक्शन का लक्ष्य 1.25 लाख करोड़ रुपये निर्धारित किया था. लेकिन लगातार चार महीने तक 1 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा कलेक्शन के बाद मार्च में एक बार फिर कलेक्शन घटकर 97,597 करोड़ रुपये रह गया.

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जीएसटी कलेक्शन के मोर्चे पर एक बार फिर सरकार को झटका जीएसटी कलेक्शन के मोर्चे पर एक बार फिर सरकार को झटका

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 01 अप्रैल 2020,
  • अपडेटेड 8:48 PM IST

  • मार्च में GST कलेक्शन घटकर 97,597 करोड़ रुपये
  • कोरोना वायरस की वजह से सभी उद्योग हुए प्रभावित

केंद्र सरकार ने जनवरी में मार्च के लिए जीएसटी कलेक्शन का लक्ष्य 1.25 लाख करोड़ रुपये निर्धारित किया था. लेकिन लगातार चार महीने तक 1 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा कलेक्शन के बाद मार्च में एक बार फिर कलेक्शन घटकर 97,597 करोड़ रुपये रह गया.

इससे पहले पिछले साल सितंबर में जीएसटी कलेक्शन 91,916 करोड़ और अक्टूबर में 95,380 करोड़ रुपये रहा था. जबकि नवंबर, दिसंबर, जनवरी और फरवरी में जीएसटी कलेक्शन एक लाख करोड़ रुपये से ज्यादा रहा था.

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चार महीने के बाद फिर झटका

कोरोना वायरस संकट की वजह से माल एवं सेवा कर (GST) कलेक्शन मार्च में घटकर 97,597 करोड़ रुपये रह गया. इससे पहले फरवरी में जीएसटी संग्रह 1.05 लाख करोड़ रुपये का रहा था. मार्च-2019 की तुलना में जीएसटी कलेक्शन इस साल 8.4 फीसद कम हुआ. मार्च-2019 में जीएसटी कलेक्शन 1.06 लाख करोड़ रुपये रहा था.

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कोरोना वायरस की वजह से संकट

वित्त मंत्रालय की ओर से बुधवार को जारी बयान में कहा गया है कि 97,597 करोड़ रुपये में से सेंट्रल जीएसटी का कलेक्शन 19,183 करोड़ रुपये का रहा. वहीं, स्टेट जीएसटी 25,601 करोड़ रुपये और इंटीग्रेटेड जीएसटी कलेक्शन का आंकड़ा 44,508 करोड़ रुपये का रहा. इसमें आयात से प्राप्त 18,056 करोड़ रुपये भी शामिल हैं. मंत्रालय ने बताया कि 31 मार्च, 2020 तक कुल 76.5 लाख GSTR-3B रिटर्न भरे गए हैं.

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गौरतलब है कि मार्च में कोरोना वायरस की वजह से उद्योग प्रभावित हुए हैं. लॉकडाउन की वजह से तमाम कंपनियां बंद हैं. जिसका असर अब जीएसटी कलेक्शन पर दिखा है. आशंका है कि वित्त वर्ष के पहले माह यानी अप्रैल में इससे भी कम जीएसटी संग्रह हो सकता है.

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