महंगाई बड़ी समस्‍या, कारोबारी करें मदद: PM

CII के सालाना कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने अपने भाषण में एक बार फिर देश को तेज विकास की पटरी पर लौटाने का वादा किया. साथ ही कारोबारियों को सरकार के साथ मिलकर विकास के लिए काम करने की नसीहत भी दी.

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मनमोहन सिंह मनमोहन सिंह

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 03 अप्रैल 2013,
  • अपडेटेड 1:46 PM IST

CII के सालाना कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने अपने भाषण में एक बार फिर देश को तेज विकास की पटरी पर लौटाने का वादा किया. साथ ही कारोबारियों को सरकार के साथ मिलकर विकास के लिए काम करने की नसीहत भी दी.

पीएम ने कहा कि अर्थव्यवस्था में गिरावट अस्थाई है. इसे दूर करने के लिए सरकार प्रयास कर रही है और इसमें कामयाबी जरूर मिलेगी.

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मजबूत विकास के लिए अभी करना होगा 3 साल इंतजार: पीएम

भाषण की शुरुआत में पीएम ने कहा, '2007 में यह सोच थी कि चाहे सरकार रहे या न रहे, देश का विकास दर 9 फीसदी रहेगा. हालांकि वैश्विक मंदी के दौर में चीजें बदल गईं. अब सरकार की भूमिका अहम हो गई है. ऊंची विकास दर को हासिल करने के लिए सरकार और कारोबारियों को एक साथ आने की जरूरत है.'

पीएम ने कहा कि बीते कुछ सालों में परस्थितियां बदली हैं.

उन्होंने कहा, 'विकास दर में आई गिरावट अस्थाई है. हमें इसे समझना चाहिए और इसे दुरुस्त करने के लिए सही कदम उठाने चाहिए. मुझे नहीं लगता कि भविष्य में भी हमारी विकास दर पांच प्रतिशत ही रहेगी. पिछले 10 वर्षों में हमने आठ प्रतिशत विकास दर हासिल की है और हम इसे पुन: प्राप्त कर सकते हैं.'

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उन्होंने कहा कि आज यह आम समझ है कि जब तक सरकार तत्परता से कदम नहीं उठाएगी, पहले से ही धीमी विकास दर पूरे साल पांच प्रतिशत ही बनी रहेगी.

2014 में भी मनमोहन सिंह के 'सहारे' कांग्रेस?

भाषण के मुख्य अंश
1. सरकार और कारोबारी विकास में साथ हो.
2. अब सरकार की भूमिका अहम हो गई है.
3. साझा रणनीति से काम करने की जरूरत.
4. वित्त मंत्री रहते हुए CII से मदद मिली.
5. फिर ऊंची विकास दर हासिल कर सकते हैं.
6. वैश्विक मंदी का पूरे विश्व पर असर.
7. महंगाई और कम करने की जरूरत.
8. तेज और निर्णायक फैसले लेने की जरूरत.
9. 5 फीसदी विकास दर को पीछे छोड़ना है.
10. वैश्विक मंदी का सभी देशों पर असर पड़ा.
11. हमें मंदी से लड़ना सीखना होगा.
12. सरकार को अपना राजस्व घाटा कम करने की जरूरत.
13. बर्बादी के प्रवक्ता को हम गलत साबित करेंगे.
14. उद्योग जगत जरूरत से ज्यादा निराशावादी हो गया है.
15. भ्रष्टाचार बड़ी समस्या है.
16. गठबंधन सरकार चलाना आसान नहीं.
17. भ्रष्टाचार और गठबंधन से जुड़ी समस्याएं पहले भी थीं.

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