MSME को 20 हजार करोड़ का राहत पैकेज देने की तैयारी, कैबिनेट से जल्द मिल सकती है हरी झंडी

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता वाली वित्त व्यय समिति ( EFC) ने इस योजना को मंजूरी दे दी है और दो प्रस्तावों को आगे बढ़ाया है. इस प्रस्ताव को अगली कैबिनेट बैठक में हरी झंडी मिल सकती है. कोरोना लॉकडाउन की वजह से इस सेक्टर की हालत बहुत खराब है.

Advertisement
MSME को राहत पैकेज देने की तैयारी MSME को राहत पैकेज देने की तैयारी

राहुल श्रीवास्तव

  • नई दिल्ली,
  • 22 अप्रैल 2020,
  • अपडेटेड 4:03 PM IST

  • लॉकडाउन की वजह से एमएसएमई सेक्टर को भारी नुकसान
  • 20 हजार करोड़ का पैकेज देने की सरकार कर रही तैयारी
  • इस प्रस्ताव पर जल्द ही कैबिनेट की मुहर लग सकती है

केंद्र सरकार सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs) को 20 हजार करोड़ रुपये का राहत पैकेज देने की तैयारी कर रही है. कोरोना लॉकडाउन की वजह से इस सेक्टर की हालत बहुत खराब है.

Advertisement

गौरतलब है कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी बुधवार को लोगों से सुझाव मांगे हैं कि MSME को किस तरह की मदद देने की जरूरत है.

किस तरह का होगा फंड

सरकारी सूत्रों ने आजतक-इंडिया टुडे को बताया कि इस पैकेज को दो हिस्सों में बांटा जाएगा- डिस्ट्रेस एसेट फंड और फंड ऑफ फंड्स. दोनों फंडों में 10-10 हजार करोड़ रुपये होंगे.

इसे भी पढ़ें: कोरोना का डर: करेंसी नोट छूने से बच रहे लोग, पेटीएम के डिजिटल भुगतान में उछाल

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता वाली वित्त व्यय समिति (EFC) ने इस योजना को मंजूरी दे दी है और दो प्रस्तावों को आगे बढ़ाया है. इस प्रस्ताव को अगली कैबिनेट बैठक में हरी झंडी मिल सकती है.

इस सेक्टर को उबारने के लिए अब कांग्रेस ने भी लोगों से सुझाव मांगे हैं. पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को ट्वीट करते हुए कहा कि MSME आर्थिक प्रोत्साहन पैकेज पर क्या कवर करना चाहिए, इसके लिए हमें सुझाव भेजें.

Advertisement

वित्त मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि बहुत से MSME ऐसे हैं जो काफी मुश्किल से जूझ रहे हैं, लेकिन वे आर्थिक रूप से टिकने लायक हैं और उन्हें आगे बढ़ाया जा सकता है. इस फंड का उद्देश्य ऐसे ही उद्यमों को राहत देने का है. सरकार ऐसे MSME को 'टर्नअराउंड कैपिटल' देगी तो कि लॉकडाउन खत्म होने के बाद अपने कारोबार को ​नए सिरे से शुरू कर सकें.

प्रस्ताव में कहा गया है कि इस फंड का यदि 10 फीसदी हिस्सा भी सीड मनी के रूप में निवेश किया गया तो बैंक आगे इन एमएसएमई की मदद कर सकते हैं. अभी बैंक ऐसे उद्यमों को पूंजी मुहैया कराने में हिचक दिखा रहे हैं.

इसे भी पढ़ें: लॉकडाउन के बाद क्या पेट्रोल-डीजल के दाम में होगी भारी कटौती?

क्या है फंड ऑफ फंड्स

दूसरे प्रस्ताव के अनुसार एक ऐसी सुविधा का इस्तेमाल बढ़ाया जाएगा जो पहले से उपलब्ध है. यह दूसरा फंड उन उद्यमों के लिए होगा जिनके पास गुणवत्ता और मात्रा के लिहाज से उत्पादन बढ़ाने की क्षमता है.

एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, 'सोच यह है कि कुछ बेहतर किया जाए, न कि सिर्फ बड़ा कुछ. अब एमएसएमई को अगले स्तर पर जाने का खास मौका है, क्योंकि चीन की मैन्युफैक्चरिंग पर सवाल खड़े हो रहे हैं.' उन्होंने कहा कि निजी क्षेत्र की सक्षमता और विदेशी फंडिंग को साथ जोड़ने की योजना है.

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement