मोदी सरकार के खिलाफ अपना हमला जारी रखते हुए कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार सभी पर आरएसएस की विफल विचारधारा को थोपने की कोशिश कर रही है और दलित छात्र रोहित वेमुला को सरकारी तंत्र ने कुचल डाला. राहुल ने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के उस बयान को लेकर भी निशाना साधा जिसमें उन्होंने दावा किया था कि रोहित दलित नहीं था.
उन्होंने कहा, ‘आपकी सरकार ने एफटीआईआई छात्रों को कुचला और जेएनयू के छात्रों को पीटा. यह सब इसलिए हो रहा है क्योंकि आप देश के युवा पर एक विचारधारा थोपने की कोशिश कर रहे हैं. रोहित ने आरोप लगाया था कि आप विश्वविद्यालयों और आईआईटी संस्थानों में शिक्षा प्रणाली को समाप्त कर डालने की कोशिश कर रहे हैं.’ राहुल ने कहा, ‘आप सभी पर संघ की विफल विचारधारा को जबरन थोपने की कोशिश कर रहे हैं. इसकी कोशिश करिये तो सही और देखिये कि भारत का युवा आपके साथ क्या करेगा. आप हर स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालय में रोहित को देखेंगे. भारतीय युवा को मत कुचलिये. यह केंद्र सरकार को मेरी सलाह है.’
'छात्रों को कुचलने का प्रयास न करे सरकार'
कांग्रेस उपाध्यक्ष ने यूपीए की महत्वाकांक्षी मनरेगा योजना के 10 साल पूरे होने के मौके पर आयोजित एक जनसभा में कहा, ‘कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में हमारे छात्रों को दबाया जा रहा है. रोहित वेमुला को आत्महत्या के लिए मजबूर किया गया. इसलिए क्योंकि वह अपने विचार व्यक्त कर रहा था. उसने किसी को नुकसान नहीं पहुंचाया था. उसने किसी को मारा नहीं था. लेकिन भारत सरकार ने उसे कुचल दिया. अब केंद्र सरकार की एक मंत्री कहती हैं कि वह दलित नहीं था. सुषमाजी सवाल यह नहीं है कि रोहित दलित था या नहीं. सवाल भारत के युवा का है, जो पढ़ना चाहता है और सीखना चाहता है.’ इससे पहले एबीवीपी के कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी कर राहुल के भाषण में अवरोध पैदा किया और पोस्टर लहराये लेकिन पुलिस ने तत्काल उन्हें रोक लिया और वहां से ले गई.
आदर्श शुक्ला