ट्रंप-पुतिन की लंबी चल रही मीटिंग खत्म कराने पहुंची थीं मेलानिया, लेकिन नहीं हो सकीं सफल

मेलानिया ट्रंप को उनके पति राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूसी नेता व्लादिमीर पुतिन के बीच की चल रही बैठक को जल्द खत्म कराने के लिए भेजा गया था. क्योंकि मीटिंग को चलते हुए काफी समय हो गया था. मेलानिया ट्रंप तय समय से आगे चल रही मीटिंग को खत्म करने के की कोशिश कर रही थीं, पर वो इसमें सफल नहीं हुईं.

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनकी पत्नी मेलानिया ट्रंप अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनकी पत्नी मेलानिया ट्रंप

केशवानंद धर दुबे

  • नई दिल्ली,
  • 08 जुलाई 2017,
  • अपडेटेड 11:14 AM IST

शुक्रवार को जर्मनी के हैम्बर्ग में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूसी राष्ट्रपति व्लागिमीर पुतिन के बीच पहली मुलाकात हुई. ये मुलाकात काफी लंबी चली. इस बीच ये खबरें आ रही हैं कि इस मुलाकात के लंबा खींचने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति की पत्नी मेलानिया ट्रंप को उनके पति राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूसी नेता व्लादिमीर पुतिन के बीच की चल रही बैठक को जल्द खत्म कराने के लिए भेजा गया था. क्योंकि मीटिंग को चलते हुए काफी समय हो गया था. मेलानिया ट्रंप तय समय से आगे चल रही मीटिंग को खत्म करने के की कोशिश कर रही थीं, पर वो इसमें सफल नहीं हुईं.

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इसकी जानकारी खुद अमेरिका के विदेश मंत्री रेक्स टिलरसन ने दी. टिलरसन ने बताया कि राष्ट्रपति ट्रंप और रूसी नेता पुतिन की इतनी अच्छी कैमेस्ट्री थी, कि वे अपने निर्धारित समय के ऊपर हो जाने के बाद भी बात बंद नहीं करना चाहते थे. बता दें कि दोनों के बीच की बैठक दो घंटे से अधिक समय तक चली.

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शुक्रवार को मेलानिया ट्रंप हैम्बर्ग में हो रहे G-20 के विरोध प्रदर्शन के कारण पूरे दिन होटल के अंदर फंस गई थीं. मेलानिया ट्रंप और दुनिया के अन्य नेताओं के अन्य साथी उत्तरी जर्मन शहर में कई ईवेंट में भाग लेने के लिए आए थे, पर प्रदर्शन के कारण हिस्सा नहीं ले सके.

ट्रंप के प्रवक्ता स्टेफनी ग्रिशम ने कहा कि हैम्बर्ग पुलिस हमें (निवास) जाने की मंजूरी नहीं दे सकती है.  प्रदर्शनकारियों ने शुक्रवार सुबह हैम्बर्ग की सड़क को अवरुद्ध कर दिया. पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को शांतिपूर्वक फैलाने की कोशिश की, लेकिन फिर सड़क को साफ करने के लिए पानी के तोपों को तैनात किया. जर्मन मीडिया के अनुसार पुलिस के मुताबिक, 45 लोगों को हिरासत में लिया गया है और 159 पुलिसकर्मी संघर्ष में घायल हो गए हैं. रूस टुडे के अनुसार G-20 शिखर सम्मेलन के दौरान बर्लिन और बाडेन-वुर्टेमबर्ग पुलिस इकाइयों को 20,000 सुरक्षा प्रदान करने के लिए तैनात किया गया था.

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बता दें कि इससे पहले, भी शहर में द्वारा बड़े पैमाने पर किए गए प्रदर्शनों का आयोजन किया गया था.

 

 

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