फ्रांसीसी राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद ने कहा है कि रूसी राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन के साथ बातचीत के बाद रूस और फ्रांस इस्लामिक स्टेट (आईएस) के जिहादियों के खिलाफ समन्वित हमले करने के लिए राजी हो गए हैं. पुतिन ने कहा कि मास्को ‘सकारात्मक’ विपक्षी समूहों पर बमबारी करने से बच सकता है.
ओलांद ने गुरुवार अपने रूसी समकक्ष के साथ एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘दाएश (आईएस) के खिलाफ हमले तेज किए जाएंगे और इन समन्वय रखा जाएगा.’ उन्होंने कहा कि इन हमलों में प्रमुख ध्यान तेल के परिवहन पर केंद्रित किया जाएगा.
साझा जमीन तलाश रहे हैं रूस और फ्रांस
ओलांद एक व्यापक गठबंधन के लिए समर्थन जुटाने के लिए कूटनीति अभियान के अंतिम चरण के तहत मॉस्को में थे. दोनों नेताओं ने एक साझा जमीन तलाशने की कोशिश की. हालिया आतंकी हमलों में सैंकड़ों लोग मारे जा चुके हैं.
पुतिन ने कहा, ‘आज हम आतंकवाद-रोधी रास्ते पर हमारे साझा कार्यों में तेजी लाने पर, आतंकवाद के खिलाफ लड़ने में सूचना के आदान-प्रदान को सुधारने पर, हमारे सैन्य विशेषज्ञों के बीच रचनात्मक काम करने पर सहमत हुए हैं.’
मॉस्को पर लगते रहे हैं आरोप
पुतिन ने कहा, ‘हम इस बात पर सहमत हुए हैं कि हम इस बारे में सूचना साझा करेंगे कि कौन से क्षेत्र आतंकियों के बजाय सकारात्मक विपक्ष के पास हैं और हम उन क्षेत्रों पर हवाई हमले बोलने से बचेंगे.’ आईएस के ठिकानों पर बमबारी का एक समानांतर अभियान चला रहे अमेरिकी नेतृत्व वाले गठबंधन के देश लगातार लगाते रहे हैं कि वह असद और आईएस से लड़ रहे नरमपंथी समूहों पर हमले बोलकर सीरियाई राष्ट्रपति बशर अल-असद के शासन की मदद करने की कोशिश कर रहा है.
हालांकि रूस में वार्ताओं के दौरान असद की भूमिका एक गहरा विभाजनकारी मुद्दा बनी रही. रूसी नेता ने कहा कि जमीनी स्तर पर लड़ रही सीरियाई सेना ‘आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में एक स्वाभाविक साझीदार है’.’ इसी बीच ओलांद ने कहा कि ‘सीरिया के भविष्य में’ असद के लिए ‘कोई स्थान नहीं है.’
- इनपुट भाषा
ब्रजेश मिश्र