सॉरी बोलकर भी माफी मांगने से बचते रहे जकरबर्ग, कहा- मैं सबकुछ नहीं ढूंढ सकता

फेसबुक डेटा लीक मामले पर फेसबुक के सह संस्थापक और सीईओ मार्क जकरबर्ग ने माफी तो मांग ली है, लेकिन क्या ऐसा करके उन्होंने पुरानी गलती सुधारने की गारंटी भी दी है?

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फेसबुक सीईओ मार्क जकरबर्ग फेसबुक सीईओ मार्क जकरबर्ग

मुन्ज़िर अहमद

  • नई दिल्ली,
  • 22 मार्च 2018,
  • अपडेटेड 12:05 PM IST

फेसबुक सीईओ मार्क जकरबर्ग ने आखिरकार डेटा लीक मामले में अपनी चुप्पी तोड़ी और यूजर्स से माफी मांगी. जकरबर्ग ने सीएनएन को इंटरव्यू दिया है जिसमें उन्होंने कई ऐसी बाते कहीं हैं जिससे ऐसा लगता है ऐसे मामले सुलझाने आसान नहीं हैं.

डेटा लीक पर माफी मांग ली गई है और फेसबुक की तरफ से कहा गया है कि आगे हम इस बात का भरोसा दिलाते हैं कि ऐसा नहीं होगा. लेकिन इस इंटरव्यू से एक बात ये निकल कर आई है फेसबुक की ये ऐसी समस्या है जिसे सुलझाने में मार्क जकरबर्ग भी नाकाम हैं. दूसरी बात ये है कि मार्क जकरबर्ग इस बात को लेकर भी असमंजस में है कि फेसबुक को रेग्यूलेट नहीं किया जाना चाहिए.

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इस इंटरव्यू को पूरा देखने के बाद ऐसा लगता है सॉरी बोलने के . उन्होंने इंटरव्यू के दौरान यह माना है कि फेसबुक की तरफ से गलती हुई है और इसे काफी पहले ही ठीक करना चाहिए था. मार्क जकरबर्ग ने यहां तक कहा कि हमारे पास यूजर डेटा को बचाने की जिम्मेदारी है और अगर हम ऐसा नहीं कर सकते तो हम आपके (यूजर्स) के लायक नहीं हैं.

इंटरव्यू के दौरान जकरबर्ग ने इस डेटा लीक पर लगातार ये वादा किया कि फेसबुक इस मामले पर फुल फॉरेंसिक ऑडिट करेगी और जानेगी कि कौन से ऐप्स हैं जिन्होंने 2014 से पहले बिना यूजर्स की मर्जी के उनका डेटा लिया है. कंपनी ने 2014 में ऐप पॉलिसी को मजबूत किया था. हालांकि उन्होंने अभी भी यह नहीं बताया कि और कौन सी कंपनियां या ऐप्स हैं जो ऐसा कर सकती हैं.

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मार्क जकरबर्ग ने सॉरी कहा है और यह भी कहा कि कंपनी ने ऐप डेवेलपर्स को अपनी पुरानी वेबसाइट से ज्यादा यूजर्स डेटा देकर बड़ी गलती की है. उनका मानना है कि कैम्ब्रिज ऐनालिटिका जैसी कंपनी पर आंख बंद करके भरोसा करना भी एक गलती है.

फेसबुक की यह समस्या क्या मार्क जकरबर्ग भी नहीं सुलझा सकते हैं?

सीएनएन को दिए इंटरव्यू में कहा है, ‘हम 2 अरब से भी ज्यदा लोगों को सर्व करते हैं और अगर आप लोगों को शेयर करने और एक दूसरे से जुड़ने का टूल देते हैं तो मुझे लगता है कि ये सबसे अच्छी बात है. लेकिन अफसोस कुछ बुरी चीजें भी हो रही हैं, चाहे वो फर्जी खबरें हो या हेट स्पीच या फिर लोगों की भावनाएं भड़काने का काम हो.’

सीएनएन को दिए इंटरव्यू में मार्क जकरबर्ग ने इस बात पे जोर दिया की यह कोई रॉकेट साइंस नहीं है और हमें ऐसा बनाना होगा जिससे ट्रोल फर्जी खबरें न फैलाएं. उन्होंने पहले कहा कि हम इसे ठीक कर सकते हैं. सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक कुछ मिनट ही बाद उन्होंने यह माना कि 2 अरब लोगों की कम्यूनिटी के साथ मैं यह वादा नहीं कर सकता की हम सबकुछ ढूंढ सकते हैं.

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हालांकि मार्क जकरबर्ग ने कहा कि फेसबुक . उनके मुताबिक सिक्योरिटी के लिए 2018 के आखिर तक स्टाफ की संख्या को 15,000 से बढ़ा कर 28,000 किया जाएगा. यानी एक स्टाफ फेसबुक के 71,000 यूजर्स को मॉनिटर करने के लिए रखा जाएगा.

किसका डेटा लीक हुआ है ये जानने के लिए फेसबुक एक टूल लाएगा जिससे यूजर्स पता कर पाएंगे की उनका डेटा लीक हुआ है या नहीं.

फेसबुक और कैम्ब्रिज ऐनालिटिका डेटा लीक से जुड़ी दूसरी खबरों को पढ़ने के यहां आपको यह भी बताया गया है कि कैसे आप अपने फेसबुक को सिक्योर रख सकते हैं.  

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