महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के दौरान हलफनामे में क्रिमिनल केस छिपाने के आरोप में पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं. हलफनामे में जानकारी छुपाने के मामले में नागपुर कोर्ट ने उनको 4 जनवरी को पेश होने को कहा है. इस मामले में बुधवार को उनको नागपुर कोर्ट में पेश होना था, लेकिन उन्होंने आने में असमर्थतता जताई थी और कोर्ट में पेश नहीं हुए थे.
इसके बाद कोर्ट ने मामले की सुनवाई की तारीख बढ़ा दी. इससे पहले बीजेपी नेता देवेंद्र फडणवीस को नागपुर कोर्ट ने समन जारी किया था. पर चुनावी हलफनामे में जानकारी छुपाने का आरोप है. वकील सतीश उके का आरोप है कि फडणवीस ने अपने हलफनामे में दो आपराधिक मुकदमों की जानकारी छुपाई थी.
साल 1996 और 1998 में फडणवीस के खिलाफ धोखाधड़ी और फर्जीवाड़े के मुकदमे दर्ज किए गए थे. हालांकि दोनों ही मामलों में अभी तक आरोप तय नहीं हुए हैं.
वकील सतीश उके का आरोप है कि ने नामांकन के दौरान दिए गए हलफनामा में इन दोनों ही क्रिमिनल केसों का जिक्र नहीं किया था. उके की याचिका पर नागपुर कोर्ट ने 4 नवंबर को नोटिस जारी किया था, लेकिन हाईकोर्ट ने निचली कोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी थी. हालांकि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद नागपुर कोर्ट ने फडणवीस को समन जारी किया था.
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