दिल्ली के विधायकों की सैलरी में 400 फीसदी के इजाफे की केजरीवाल सरकार की योजना पर केंद्र सरकार ने भले ही पानी फेर दिया हो, लेकिन आम आदमी पार्टी अब भी इस मांग पर डटी है. आप नेता आशुतोष का कहना है कि अगर आप चाहते हैं कि विधायक ईमानदार रहें तो उनकी सैलरी बढ़ानी पड़ेगी.
आशुतोष ने आजतक से बातचीत में कहा, 12 हजार रुपये में किसी भी विधायक का घर नहीं चल सकता है. कांग्रेस और बीजेपी के बेईमान विधायकों को 1 रुपया नहीं चाहिए, क्योंकि उनका काम ही लूटना है.
वह कहते हैं, 'वेतन-भत्ते को लेकर हम कोई भ्रम नहीं फैला रहे हैं. ये दफ़्तर चलाने का भत्ता है. दफ़्तर में जो लोग काम करेंगे या जो विधानसभा के लोग विधायक से मिलने आते हैं, उन्हें रोजाना चाय-पानी पिलाने में 4 से 5 हजार खर्च होते हैं.'
इसके साथ ही उन्होंने इस मामले में केंद्र सरकार के दोहरे रवैये की तरफ इशारा करते हुए कहा, 'वेंकैया नायडू ने भी कहा कि दिल्ली सरकार जो सैलरी बढ़ा रही है, उसका विरोध नहीं होना चाहिए, क्योंकि हम सांसदों की सैलरी बढ़ाने की बात कर रहे हैं.'
आशुतोष कहते हैं कि हमारे काम बात में अड़ंगा लगाना केंद्र सरकार का काम हो गया है. इसके साथ ही वह कहते हैं, सैलरी बिल में जो भी पूछा गया है, हम उसका जवाब देंगे. मेरा मानना है कि पब्लिक सर्वेन्ट को उचित सैलरी मिलनी चाहिए. उस पर कड़ी निगरानी रखी जाए और अगर भ्रष्टाचार मिले तो कार्रवाई की जाए. हमारे ख्याल से पार्षदों की सैलरी भी बढ़नी चाहिए.'
पंकज जैन