दिल्ली पुलिस की हिरासत में दो संदिग्ध तालिबानी आतंकी

आईबी की इनपुट पर दिल्ली से दो संदिग्धों को हिरासत में लेकर दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल पूछताछ कर रही है. दोनों यूपी के संभल के रहने वाले हैं. दो साल पहले ये संभल से गायब हुए थे. दोनों पाकिस्तान से तेहरान होते हुए अफगानिस्तान गए. वहां तालिबान कैंप में ट्रेनिंग लेकर वापस भारत आ गए.

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यूपी के संभल के रहने वाले हैं संदिग्ध यूपी के संभल के रहने वाले हैं संदिग्ध

मुकेश कुमार

  • नई दिल्ली,
  • 15 दिसंबर 2015,
  • अपडेटेड 11:03 AM IST

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने आईबी के इनपुट पर दिल्ली से दो संदिग्धों को हिरासत में लिया है. दोनों यूपी के संभल के रहने वाले हैं. सूत्रों के मुताबिक, दो साल पहले ये संभल से गायब हुए थे. जांच में पता चला है कि दोनों पाकिस्तान से तेहरान होते हुए अफगानिस्तान गए. वहां तालिबान कैंप में ट्रेनिंग ली. इसके बाद वापस भारत आ गए. इन्हें बड़ा नेटवर्क खड़ा करने की जिम्मेदारी दी गई थी. दोनों से पूछताछ जारी है.

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बताते चलें कि इससे पहले जासूसी कांड में पांच लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. इन आरोपियों में बीएसएफ का एक हेड कांस्टेबल भी शामिल है. इन पर आरोप है कि इन्होंने महत्वपूर्ण भारतीय दस्तावेज पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई तक पहुंचाए हैं. पुलिस हिरासत खत्म होने के बाद इन्हें अदालत में पेश किया गया था.

मुख्य महानगर दंडाधिकारी संजय खानाग्वाल ने बीएसएफ के हेड कांस्टेबल अब्दुल राशिद, सेना के हवलदार (सेवानिवृत्त) मुनव्वर अहमद मीर, सरकारी स्कूल शिक्षक साबर, सैनिक फरीद अहमद और लाइब्रेरी सहायक कैफेतुल्ला खान उर्फ मास्टर रजा को न्यायिक हिरासत में भेजा था. दिल्ली पुलिस ने अदालत से कहा कि आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की अब जरूरत नहीं है.

बफरीद अहमद को पश्चिम बंगाल से पकड़ा गया था. वहीं मीर तथा साबर को दिल्ली पुलिस और जम्मू एवं कश्मीर पुलिस के संयुक्त अभियान में पकड़ा गया था. राजौरी के रहने वाले 44 वर्षीय कैफेतुल्ला के बारे में कहा जा रहा है कि वह आईएसआई एजेंट है. उसे 26 नवंबर को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से पकड़ा गया. कैफेतुल्ला से पूछताछ के बाद राशिद को पकड़ा गया था.

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