दिल्ली NCR में कमरतोड़ महंगाई से ढाबे और रेस्तरां मालिक भी परेशान

महंगाई का असर अब ढ़ाबे और रेस्तरां के मेनू और उनकी थाली पर दिखने लगा है. पढ़ें पूरी खबर...

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बढ़ी महंगाई ने ढाबा और रेस्टोरेंट के खाने को किया महंगा बढ़ी महंगाई ने ढाबा और रेस्टोरेंट के खाने को किया महंगा

वंदना भारती / स्मिता ओझा

  • नई दिल्ली,
  • 30 नवंबर 2017,
  • अपडेटेड 1:04 PM IST

बढ़ती महंगाई का असर हमारी थालियों पर साफ दिख रहा है. पहले जहां थालियों में दो तरह की सब्जी, तड़का दाल, सलाद और रायता होता था. अब बमुश्किल एक दाल और सब्जी हो पाती है और  सलाद तो भूल जाइए. क्योंकि सलाद से प्रमुख चीजें प्याज और टमाटर अब गायब हो गई है.

मध्यम वर्गीय तबका महंगाई से सबसे ज्यादा परेशान है. घरों की थालियां तो छोटी हो गई हैं, अब ढाबे और रेस्तरां में खाना भी बहुत बड़ी बात हो गई है. हमने जब ढ़ाबे और रेस्तरां में जाकर देखा तो पाया कि वहां भी वेज और नॉन वेज थालियां या तो गायब हो गई हैं या छोटी कर दी गई हैं. प्रोटीन का सबसे बड़ा सोर्स पनीर और अंडा ढाबे और रेस्तरां के मेनू में बढ़े दामों पर बिक रहा है.

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सब्जी के बढ़े दाम ने घटाया मुनाफा

गुरुग्राम के मशहूर ढाबों में एक फौजी ढाबा भी महंगाई से जूझ रहा है. इसके मालिक रिटायर फौजी हैं. इनके उसूल इनको ग्राहकों के साथ बेईमानी करने नहीं देते और हर दिन बढ़ती महंगाई इनको मुनाफा तो दूर लगात भी निकालने नहीं देती. ढाबे के ग्राहक बंधे होते हैं और ये ज्यादा पैसे खर्चने से बचते हैं. लिहाजा ये अपने ग्राहकों पर भार नहीं डाल सकते.

अंडे और पनीर से बनी हर चीज महंगी

अंडे के दाम बढ़ने के बाद आसमान छूते टमाटर और प्याज के दाम ने महिपाल जी को परोसी जानी वाली चीजों के दाम बढ़ाने पर मजबूर कर दिया. अंडे वाली हर चीज के दाम 10 से 15 रुपये बढ़ाए हैं, चाहे ब्रेड ऑमलेट हो या अंडा करी. टेबल पर परोसे वेज और नान वेज पकवानों में सबसे महंगा आइटम मटन हुआ करता था, अब पनीर और अंडा करी दोनों ही इसके बराबर पहुंच गए हैं.  

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बड़े रेस्तरां की कीमतों पर नहीं फर्क

बड़े पॉश रेस्तरां में उतार-चढ़ाव के बावजूद खाने की दरों में बदलाव नहीं है. गुरुग्राम के नोवेयर ब्रू कैफे के मालिक समीर का कहना है कि हम चाहे खुद ही नुकसान क्यों न उठाएं पर ग्राहकों पर भार नहीं दे सकते. चीजों के दाम तो हमेशा बढ़ते-घटते रहते हैं. इसलिए बैलेंस बना कर चलना पड़ता है.

जीएसटी के बाद महंगाई ने कमर तोड़ी

पहले GST को लेकर कंफ्यूजन के चलते ज्यादा पैसे देने पड़ते थे, अब बढ़ती महंगाई के चलते दाम ज्यादा देना पड़ रहा है. आम आदमी के लिए ढ़ाबे और रेस्तरां में खाना अब दूर की कौड़ी साबित हो रही है. क्योंकि कमरतोड़ महंगाई ने हर जगह खाने का जायका फीका कर दिया है.

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