दिल्ली विधानसभा चुनाव (Delhi Elections 2020) की लड़ाई बेहद दिलचस्प मोड़ पर आ गई है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रचार में उतरने के 24 घंटे के अंदर ही आम आदमी पार्टी ने अपना घोषणा पत्र जारी कर दिया है. इस दौरान दिल्ली की जनता से वादों के साथ ही अरविंद केजरीवाल ने एक बड़ा दांव भी चल दिया है. केजरीवाल ने बीजेपी की उस कमजोर नब्ज को छूने की कोशिश की है, जिसने 2015 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी को गहरा जख्म दिया था.
घोषणा पत्र जारी करते हुए आप के राष्ट्रीय संयोजक और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बीजेपी को खुली बहस की चुनौती दी और कहा कि कल (5 फरवरी) एक बजे तक बीजेपी अपने सीएम कैंडिडेट का नाम बताए, मैं उससे बहस के लिए तैयार हूं. केजरीवाल का यह बयान बीजेपी की उस कमजोर नब्ज़ पर वार माना जा रहा है जिसे वह अब तक इग्नोर करती आई है.
साल 2015 में बीजेपी ने किरण बेदी का चेहरा आगे रखकर चुनाव लड़ा था और केंद्र की सत्ता होने के बावजूद उसे बुरी नतीजों का सामना करना पड़ा था. जबकि दिल्ली की जनता ने केजरीवाल के नाम पर आम आदमी पार्टी को 70 में 67 सीटें देकर इतिहास रच दिया था. 2014 की तरह ही केंद्र में एक बार फिर से बड़ी ताकत के साथ नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीजेपी सत्ता संभाल रही है, लेकिन इस बार पार्टी ने दिल्ली में किसी सीएम फेस की घोषणा नहीं की है. लिहाजा, पार्टी पीएम मोदी के नाम पर ही वोट मांग रही है.
अमित शाह ने आगे रखा पीएम मोदी का नाम
चुनाव प्रचार में पूरी ताकत से जुटे केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पहले दिन से दिल्ली में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार बनने के दावे कर रहे हैं. अब पीएम मोदी खुद यहां प्रचार में उतर गए हैं. जो सीधे तौर पर आम आदमी पार्टी की सरकार को चुनौती दे रहे हैं.
सोमवार को पीएम मोदी ने कड़कड़डूमा में रैली की और आम आदमी पार्टी सरकार व अरविंद केजरीवाल को जमकर निशाने पर लिया. केजरीवाल का नाम लिये बिना पीएम मोदी ने लोकपाल और आयुष्मान भारत योजना का जिक्र कर दिल्ली सरकार की जमकर आलोचना की.
यह भी पढ़ें-
अरविंद केजरीवाल ने भी पीएम मोदी का नाम लेकर जवाब नहीं दिया. अक्सर ट्वीट कर बीजेपी को जवाब देने वाले अरविंद केजरीवाल ने पीएम मोदी के वार पर पलटवार तक नहीं किया. इतना ही नहीं, केजरीवाल अपने कैंपेन में भी मोदी को निशाना नहीं बना रहे हैं.
इस बीच जब मंगलवार को केजरीवाल मनीष सिसोदिया के साथ घोषणा पत्र जारी करने उतरे तब भी उन्होंने पीएम मोदी पर कुछ नहीं कहा, बल्कि अमित शाह को निशाना बनाया और सीएम कैंडिडेट का नाम पूछकर बीजेपी को खुली बहस की चुनौती दे डाली.
अमित शाह तय नहीं करेंगे दिल्ली की सीएम
अरविंद केजरीवाल ने कहा, 'जनता ये जानना चाहती है कि उनका सीएम फेस कौन है? अमित शाह जनता से कह रहे हैं वोट दे दो, सीएम मैं तय करूंगा. जनतंत्र में सीएम जनता तय करती है, अमित शाह तय नहीं करेंगे. अमित शाह कह रहे हैं कि दिल्ली की जनता ब्लैंक चेक दे दे, उसके ऊपर मैं नाम भरूंगा कि दिल्ली का सीएम कौन होगा.'
अमित शाह को निशाने पर लेते हुए केजरीवाल ने बीजेपी नेताओं के उन बयानों पर भी जवाब दिया जिसमें जनता से अपील की जा रही है कि बीजेपी के सामने वाला बटन दबाइये, आपका वोट पीएम मोदी को जाएगा. केजरीवाल ने इसके जवाब में भी सीएम कैंडिडेट का मुद्दा उठा दिया है.
केजरीवाल ने कहा है कि मैं दिल्ली में जगह-जगह जाकर कहता हूं कि आपका दिया हुआ वोट केजरीवाल के पास आएगा, लेकिन मैं ये जानना चाहता हूं कि बीजेपी को दिया गया वोट किसके पास जाएगा? इस सवाल के साथ सीएम कैंडिडेट का नाम पूछ अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली की फाइट से सीधे तौर पर पीएम नरेंद्र मोदी को आउट रखने का प्रयास जरूर किया है, लेकिन उनका ये दांव कितना कारगर साबित होता है ये दिल्ली की जनता 8 फरवरी को तय करेगी.
aajtak.in