कोरोना वायरस: इंसान तो इंसान, भगवान की दिनचर्या पर भी असर

कामाख्या मंदिर के डोलोई (प्रमुख) कबिन्द्र प्रसाद सरमा के मुताबिक मंदिर प्रशासन ने कोरोना वायरस के फैलाव को रोकने के लिए कई एहतियाती कदम उठाए हैं. सरमा ने आजतक/इंडिया टुडे को बताया कि हम मंदिर में आने वालों की मेन गेट पर थर्मल स्क्रीनिंग कराने के साथ उन्हें हैंड सैनेटाइजर उपलब्ध करा रहे हैं.

Advertisement
दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की संख्या भी 50% घटा दी गई है दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की संख्या भी 50% घटा दी गई है

मनोज्ञा लोइवाल

  • गुवाहाटी,
  • 17 मार्च 2020,
  • अपडेटेड 3:27 PM IST

  • श्रद्धालुओं की थर्मल स्क्रीनिंग की व्यवस्था
  • मंदिर परिसर में मेडिकल कैम्प की व्यवस्था

कोरोना वायरस (COVID-19) का खतरा इंसान तो इंसान क्या भगवानों की दिनचर्या पर भी असर डाल रहा है. गुवाहाटी के प्रसिद्ध कामाख्या देवी के मंदिर में श्रद्धालुओं को दिए जाने वाले ‘भोग’ को स्थगित कर दिया गया है. गुवाहाटी के नीलांचल पर्वत पर स्थित इस मंदिर में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की संख्या भी 50% घटा दी गई है.

Advertisement

मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं की थर्मल स्क्रीनिंग की व्यवस्था की है जिससे सभी का तापमान मापा जा रहा है. साथ ही श्रद्धालुओं को हैंड सैनिटाइजर भी उपलब्ध कराया जा रहा है. मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य की जांच के लिए परिसर में मेडिकल कैम्प की व्यवस्था की गई है. या देवालय देश के 51 शक्तिपीठों में से एक है.

कामाख्या मंदिर के डोलोई (प्रमुख) कबिन्द्र प्रसाद सरमा के मुताबिक मंदिर प्रशासन ने के फैलाव को रोकने के लिए कई एहतियाती कदम उठाए हैं. सरमा ने आजतक/इंडिया टुडे को बताया, “हम मंदिर में आने वालों की मेन गेट पर थर्मल स्क्रीनिंग कराने के साथ उन्हें हैंड सैनेटाइजर उपलब्ध करा रहे हैं. हमने अस्थायी तौर पर भोग की व्यवस्था को भी निलंबित किया है जो दोपहर को श्रद्धालुओं को दिया जाता था.”

Advertisement

सरमा के मुताबिक प्रशासन ने पूरे परिसर में स्वच्छता मुहिम छेड़ने के साथ आने वाले श्रद्धालुओं से भी सहयोग करने की अपील की है. मंदिर प्रमुख ने बताया कि स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए मंदिर में श्रद्धालुओं के प्रवेश की संख्या आधी कर दी गई है.

(गुवाहाटी में हेमंत कुमार नाथ के इनपुट्स के साथ)

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement