कोरोना वायरस के प्रकोप की वजह से पूरे देश में लागू किए गए लॉकडाउन से जनता से लेकर सरकार तक सबके लिए मुश्किल घड़ी आ गई है. ऐसे में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) राज्य सरकारों की मदद के लिए आया है. रिजर्व बैंक ने राज्यों के लिए ओवरड्राफ्ट सुविधा को लचीला बना दिया है.
रिजर्व बैंक ने सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के लिए ओवरड्राफ्ट सुविधा को आसान इसलिए बनाया है ताकि लॉकडाउन के बीच उन्हें नकदी की दिक्कत न हो.
क्या कहा रिजर्व बैंक ने
रिजर्व बैंक ने एक बयान में कहा, 'रिजर्व बैंक ने राज्य सरकारों और केंद्रशासित प्रदेशों को ओवरड्राफ्ट सुविधा हासिल करने की ज्यादा गुंजाइश दी है.' राज्य सरकारों के पास नकदी का प्रवाह गड़बड़ न हो जाए इसलिए रिजर्व बैंक ने ज्यादा लचीला रुख अपनाया है.
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क्या होती है ओवरड्राफ्ट सुविधा
इस सुविधा के तहत कोई भी खाताधारक एक निश्चित समय के लिए अपने खाते में जमा रकम से भी ज्यादा रकम निकाल सकता है.
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क्या किया रिजर्व बैंक ने
अभी तक राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को 14 कार्य दिवस तक ओवरड्राफ्ट लेने की इजाजत थी, लेकिन अब इसे रिजर्व बैंक ने बढ़ाकर 21 दिन कर दिया है. इसी तरह किसी एक तिमाही में ओवरड्राफ्ट लेने वाले दिनों की संख्या भी 36 कार्य दिवस से बढ़ाकर 50 कार्य दिवस कर दिया गया है.
रिजर्व बैंक ने कहा कि इसके अलावा बाकी के नियम और शर्तें पहले की तरह ही रहेंगी. यह नई व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है और इसे 30 सितंबर तक के लिए लागू है.
गौरतलब है कि कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए पीएम नरेंद्र मोदी ने 25 मार्च से 14 अप्रैल तक के लिए देशभर में लॉकडाउन का ऐलान कर दिया. इसके बाद से ही पूरी आर्थिक गतिविधि ठप पड़ गई है. लॉकडाउन की वजह से राज्य सरकारों को काफी संसाधन जनता को राहत पहुंचाने में झोंकने पड़े हैं और इन सबके लिए उन्हें लगातार नकदी की जरूरत पड़ रही है.
कई राज्य सरकारों ने इसी वजह से केंद्र सरकार से यह मांग भी शुरू कर दी है कि उनका जीएसटी बकाया जल्द दिया जाए ताकि उनके सामने आर्थिक दिक्कत न आए.
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