विवाद हुआ तो खुर्शीद बोले- मुसलमानों के खून के धब्बे कांग्रेस नहीं, मुझ पर

उन्होंने कहा कि ये उनकी पर्सनल राय थी. कांग्रेस पार्टी का सदस्य होने के नाते मैंने बचाव किया. मैंने खून के दाग पार्टी नहीं, अपने हाथ पर लगे होने की बात कही थी.

Advertisement
सलमान खुर्शीद सलमान खुर्शीद

राहुल विश्वकर्मा / संजय शर्मा

  • नई दिल्ली,
  • 24 अप्रैल 2018,
  • अपडेटेड 3:08 PM IST

कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद के बयान से नया बखेड़ा हो गया है. एएमयू में खुर्शीद ने बयान दिया था कि कांग्रेस पार्टी के दामन पर मुसलमानों के खून के धब्बे लगे हैं. इस बयान पर पार्टी की फजीहत होने के बाद सलमान ने फौरन सफाई दे दी है. उन्होंने कहा कि ये उनकी पर्सनल राय थी. कांग्रेस पार्टी का सदस्य होने के नाते मैंने बचाव किया. मैंने खून के दाग पार्टी नहीं, अपने हाथ पर लगे होने की बात कही थी.

Advertisement

अपने बयान पर पार्टी को घिरता देख खुर्शीद ने सफाई में कहा कि अगर कोई कांग्रेस पर आरोप लगाता है तो मैं उसका जवाब देता हूं. किसी ने मुझसे कहा कि पार्टी पर दाग है, तब मैंने कहा कि मुझ पर दाग है और मैंने उसका जवाब दिया. लेकिन क्या अगर कोई आप पर हमला करे तो मैं आपके बचाव में नआऊं? क्या ये मेरा फर्ज, मेरा दायित्व नहीं है? किसी भारतीय नागरिक पर हमला किया जाए तो क्या उसकी सुरक्षा करने का मुझे अधिकार नहीं है?

छात्र का ये था तीखा सवाल

छात्र आमिर मिंटोई ने खुर्शीद से दंगों और बाबरी मस्जिद पर सवाल किया तो आयोजकों ने छात्र को रोकने की कोशिश की. लेकिन सलमान खुर्शीद ने कहा कि इन्हें सवाल करने दीजिए. हालांकि ये राजनीतिक प्रश्न है. इसके बाद छात्र ने सवाल किया कि 1948 में एएमयू एक्ट में पहला संशोधन हुआ. उसके बाद 1950 में प्रेसिडेंशल ऑर्डर जिसमें मुस्लिम दलितों से एसटी/एससी आरक्षण का हक छीना गया. इसके बाद हाशिमपुरा, मलियाना, मुज़फ्फरनगर आदि में मुसलमानों का नरसंहार हुआ. इसके अलावा बाबरी मस्जिद के दरवाज़े खुलना, बाबरी मस्जिद में मूर्तियों का रखना और फिर बाबरी मस्जिद की शहादत हुई, ये सब कांग्रेस की सरकार में हुआ. इन सारी घटनाओं का हवाला देते हुए आमिर ने खुर्शीद से पूछा कि कांग्रेस के दामन पर मुसलमानों के खून के जो धब्बे हैं, इन धब्बों को आप किन अल्फ़ाज़ों से धोएंगे?

Advertisement

खुर्शीद ने सबक सीखने को कहा

इसके जवाब में खुर्शीद ने कहा कि हां कांग्रेस के दामन पर खून के धब्बे हैं लेकिन क्या इस वजह से अब आप पर कोई वार करे तो उसे हमें बढ़कर रोकना नहीं चाहिए? हम ये धब्बे उन्हें दिखाएंगे कि तुम समझो कि ये धब्बे अब तुम पर न लगें. तुम वार इन पर करोगे तो धब्बे तुम पर लगेंगे. हमारे इतिहास से आप कुछ सीखें-समझें. आप अपना हश्र ऐसा न करें कि आज से 10 साल बाद कोई एएमयू आए तो आप जैसा सवाल पूछने वाला कोई न मिले.

भाजपा ने कहा- कांग्रेस का 5000 दंगों का इतिहास

खुर्शीद की इस स्वीकारोक्ति पर तुरंत भाजपा ने घेरना भी शुरू कर दिया है. भाजपा नेता मुख़्तार अब्बास नकवी ने कहा कि भिवंडी से लेकर भागलपुर तक और मेरठ से मलियाना तक कांग्रेस और कांग्रेस के सेक्युलरिज्म के सियासी सूरमाओं ने निर्दोष लोगों की हत्याओं को अपनी आंखों से देखा है. कांग्रेस के शासन काल में 5000 दंगों का श्रृंखलाबद्ध इतिहास रहा है. अब अगर ये दंगों के इतिहास पर माफी मांग रहे हैं तो ये कहा जा सकता है कि देर आए दुरुस्त आए. लेकिन कांग्रेस ने अपनी राजनीतिक रोटियां दंगों की आड़ में सेंकी है, इस शर्मनाक इतिहास पर देश की जनता उन्हें माफ़ नहीं करेगी. बटाला हाउस एनकाउंटर पर उन्होंने क्या कहा था, देश की जनता ये जानती है. देखना है कि सलमान खुर्शीद किसकी तरफ से माफी मांग रहे हैं.

Advertisement

वहीं भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा कि कांग्रेस के दामन पर सिर्फ मुसलमानों नहीं बल्कि सिखों का भी खून लगा है. कांग्रेस के दामन पर किसी एक धर्म नहीं बल्कि हर धर्म का खून का धब्बा लगा है. वहीं संघ विचारक राकेश सिन्हा ने कहा कि कांग्रेस ने भारत की पंथनिरपेक्ष छवि को बड़ा नुकसान पहुंचाया है.

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement