इमरान हाशमी की नई फिल्म द बॉडी रिलीज होने वाली है. इससे वो अपनी पुरानी छवि सीरियल किसर में लौटने वाले हैं. इस फिल्म के बाद वो चेहरे, वायुसेना, एजरा और मुंबई सागा के अलावा वेब सीरीज बार्ड आफ ब्लड में भी नजर आएंगे. मुंबई में नवीन कुमार के साथ इमरान हाशमी की हुई बातचीत पेश है-
एक विदेशी फिल्म द बॉडी के हिंदी संस्करण में काम करने की वजह?
यह स्पेनिश सिनेमा की बड़ी हिट फिल्म है. इसके डाइरेक्टर की हिंदी संस्करण में एक फिल्म बदला काफी सफल हो चुकी है. थ्रिलर जोनर की यह अलग तरह की फिल्म है. द बॉडी का निर्देशन जीथू जोसेफ कर रहे हैं जिन्होंने दृष्यम का भी निर्देशन किया था. मैं फिल्म की कहानी में प्राइम सस्पेक्ट हूं. इसलिए मेरा रोल काफी अहम है.
यह फिल्म दर्शकों को कितना लुभा पाएगी?
इसकी कहानी बहुत दमदार है. दर्शकों को पता नहीं चलेगा कि कहानी किस तरफ जा रही है. अब देखिए जिस लड़की की मौत होती है, उसी रात शव गृह से उसकी लाश अचानक से गायब हो जाती है. यह एक रहस्य है कि क्या उस लड़की की मौत हुई या वो एक भूत थी.
चर्चा है कि इस फिल्म से आप अपनी पुरानी छवि सीरियल किसर में वापस लौटे हैं?
यह संयोग की बात है कि फिल्म में कुछ सीन ऐसे हैं. कहानी में रिश्ते कुछ इस तरह के हैं जिससे ये सीन हैं. इससे मैं कतराता नहीं हूं. हकीकत तो यही है कि मैं इस इमेज से बाहर आ गया हूं. बावजूद इसके द बॉडी में मुझे देखकर लोग पुरानी छवि में लौटने की बात बोल सकते हैं. मगर अब मैं उस इमेज के बारे में सोचता नहीं हूं.
आप अपने करियर में किस तरह का बदलाव महसूस करते हैं?
मैं तो अपनी हर फिल्म से अनुभव लेकर आगे बढ़ रहा हूं. गलतियों को दोहराने की कोशिश नहीं करता. लेकिन मुझमें क्या बदलाव आया है वो दर्शक ही बता सकते हैं.
हिंदी सिनेमा के बदलते दौर को आप किस तरह से देखते हैं?
हिंदी सिनेमा का बहुत अच्छा दौर चल रहा है. दर्शक हर किस्म की फिल्म देखने को तैयार हैं. राइटर और डाइरेक्टर भी नई चीजें लेकर आ रहे हैं. ऐक्टर को काम मिल रहे हैं. ओटीटी प्लेटफार्म पर भी लोगों को अच्छी चीजें देखने को मिल रही है.
वेब सीरीज में गाली और सेक्स का तड़का कितना सही मानते हैं आप?
यह दर्शकों को सिर्फ आकर्षित करने का एक जरिया है. सेंसर बोर्ड की वजह से सिनेमा में यह देखने को नहीं मिलता है. लेकिन वेब सीरीज में लिबर्टी लेते हैं. इससे यह नहीं कह सकते हैं कि यह रियलिटी का हिस्सा है.
व्हाई चीट इंडिया फिल्म का अनुभव कैसा रहा?
यह फिल्म बच्चों को जागरूक करने के लिए शिक्षा पर थी. लेकिन दर्शकों को पसंद नहीं आई. मुझे भी लगा कि मैंने थोड़ी जल्दबाजी में कहानी कह दी. भविष्य में ऐसी गलती नहीं करूंगा.
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नवीन कुमार