छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र जोरदार हंगामे के बीच सिर्फ तीन दिन में ही खत्म हो गया. यह सत्र एक अगस्त से 11 अगस्त तक चलना था, लेकिन विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल ने कांग्रेसी विधायकों की अनुशासनहीनता को लेकर सत्र को अश्चितकाल तक के लिए स्थगित कर दिया. हालांकि इस बीच प्रदेश के अतिविशिष्ट ( VVIP ) के लिए पांच करोड़ 60 लाख रुपये के बुलेट प्रूफ वाहन ख़रीदे जाने की स्वीकृति हासिल करने में सफलता मिल गई.
दरअसल, पनामागेट मामले को लेकर स्थगन के जरिए इस मुद्दे पर चर्चा कराए जाने के लिए विपक्ष ने विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष अर्जी पेश की थी. यह मामला सर्वोच्च न्यायलय में लंबित है. लिहाजा विधानसभा अध्यक्ष ने विपक्षी दल की अर्जी अस्वीकार कर दी. इसके बाद नारेबाजी और हंगामा करते हुए कांग्रेसी विधायक बेल तक जा पहुंचे.
तीन दिन की अवधि में सत्ताधारी बीजेपी ने अपने सभी महत्वपूर्ण बिलों को पारित करा लिया. इसमें प्रदेश के के लिए पांच करोड़ 60 लाख रुपये के बुलेट प्रूफ वाहन ख़रीदे जाने की स्वीकृति भी शामिल है. इसके लिए वित्तीय वर्ष 2017-18 के प्रथम अनुपूरक बजट में प्रावधान किया गया. विधानसभा के हंगामे के बीच मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने 17 सौ 77 करोड़ 57 लाख 24 हजार 453 रुपये का प्रथम अनुपूरक बजट पेश किया.
प्रथम अनुपूरक बजट में सरकार ने विभिन्न योजनाओं के अलावा विधानसभा के सेंट्रल हॉल में भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में हिस्सा लेने वाले राजनेता, क्रांतिकारियों की प्रतिमा लगाने व अन्य कार्यों के लिए 80 लाख रुपये का प्रावधान किया गया. इसी तरह छत्तीसगढ़ मार्केटिंग कॉर्पोरेशन 200 करोड़ अधोसरंचना एवं पर्यावरण निधि मद से प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के क्रियान्वयन के लिए 50 करोड़ राजभवन व मुख्यमंत्री भवन उद्यानों के रखरखाव के 35 लाख छत्तीसगढ़ राज्य जीवजंतु कल्याण बोर्ड के अंतर्गत बीमार एवं घुमन्त पशुओं के लिए पशुगृह व रुनवास की स्थापना के लिए 30 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है.
सुनील नामदेव