नॉर्थ वेस्ट दिल्ली से बीजेपी सांसद उदित राज विवादों में घिर गए हैं, आरोप है कि रेहड़ी-पटरी लगाने वालों से संगठन बनाने के नाम पर ₹200 लिए गए और बदले में कहा गया है कि उन्हें कोई परेशान नहीं करेगा.
मामले पर उदित राज का कहना है कि, बीजेपी का अलग कलर है कांग्रेस का अलग है, आर्मी का अलग है ऐसे में हमने रेहडी पटरी वालो को अलग रंग दे दिया है. उन्हें बिल्ला और टोपी दी गई है. जिसके बदले में उनसे दो सौ रूपये लिए हैं. सांसद कहते है कि पुलिस वाले उनसे वसूली करते है तो क्यों ना उन्हें सुरक्षा दी जाए.
आजतक के सवालों से बीजेपी सांसद उदित राज भड़क उठे बोले कि मैंने एक दर्जन संस्था बनाई है और बनाऊंगा. चाहे जितना मन करेगा उतने पैसे लूंगा आपसे क्या? रेहड़ी-पटरी लगाने वाले को अधिकार किसने दिया ये पूछे जाने पर उदित राज ने कहा कि हमने उनको लाइसेंस नहीं दिए हैं बस उनको उनका पहचान दी है.
उदित राज ने अपने बयान में कई बार कहा कि सड़क किनारे बैठने वाले रेहड़ी-पटरी मजदूरों से पुलिस पैसे वसूलती है ऐसे में उनकी सुरक्षा के लिए हमने उनका संगठन बना दिया और उन्हें एक पहचान दे दी. हालांकि बाद में जब आजतक संवाददाता ने कहा कि सरकार आपकी है पुलिस केंद्र सरकार के ही अधीन है तो उदित राज बात घुमा बैठे बोले इलाके के गुंडे लोग उनसे पैसे लेते हैं.
बीजेपी सांसद होकर संगठन के नाम पर रेहड़ी मजदूर वालों से पैसे लेने को बीजेपी सांसद ने जायज कहा बोले, मीडिया को अच्छा काम नजर नहीं आता. मैंने पैसे संगठन के नाम पर लिए जितना मन करेगा उतना लूंगा.
रोहित / अंकित यादव