विधानसभा चुनाव से पहले BJP शुरू करेगी गांधी संकल्प पदयात्रा

उत्तर प्रदेश में होने वाले उपचुनाव और हरियाणा-महाराष्ट्र के विधानसभा चुनाव के मद्देनजर बीजेपी आलाकमान ने प्रदेश के सभी सांसदों को अगले 1 महीने का एजेंडा सौंप दिया है. इस एजेंडे के तहत सबसे पहले गांधी संकल्प पदयात्रा शुरू की जाएगी.

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह (फाइल फोटो) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह (फाइल फोटो)

शिवेंद्र श्रीवास्तव

  • लखनऊ,
  • 22 सितंबर 2019,
  • अपडेटेड 3:56 PM IST

  • पदयात्रा के जरिए पार्टी महात्मा गांधी के विचारों को लोगों के बीच फैलाएगी
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2 अक्टूबर को गांधी संकल्प यात्रा की शुरुआत करेंगे
  • 2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक हर एक लोकसभा क्षेत्र में पदयात्रा जाएगी

उत्तर प्रदेश में होने वाले उपचुनाव और हरियाणा-महाराष्ट्र के विधानसभा चुनाव के मद्देनजर बीजेपी आलाकमान ने प्रदेश के सभी सांसदों को अगले 1 महीने का एजेंडा सौंप दिया है. इस एजेंडे के तहत सबसे पहले गांधी संकल्प पदयात्रा शुरू की जाएगी, जिसके जरिए गांव-गांव में संपर्क और संवाद किया जाएगा. महात्मा गांधी की 150वीं जयंती पर 2 अक्टूबर से सरदार पटेल की जयंती 31 अक्टूबर तक हर एक लोकसभा क्षेत्र में 150 किलोमीटर की संकल्प पदयात्रा पार्टी के सांसदों की तरफ से की जाएगी.

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पदयात्रा के जरिए पार्टी ने गांधी और पटेल के उद्देश्य-सरोकारों से लोगों को जोड़ने का इरादा बनाया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2 अक्टूबर को दिल्ली में महात्मा गांधी की समाधि पर जाकर गांधी संकल्प यात्रा की शुरुआत करेंगे. वहीं उत्तर प्रदेश में सरकार के मंत्रियों और संगठन के पदाधिकारियों ने संकल्प यात्रा की तैयारी पर चर्चा की. चर्चा में केंद्रीय गृह मंत्री और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए शामिल हुए.

दोनों ने सांसदों और बैठक में मौजूद तमाम पार्टी पदाधिकारियों को अभियान के बारे में बताया. साथ ही पर्यावरण संरक्षण और वातावरण को प्रदूषण मुक्त करने, जल संरक्षण और प्लास्टिक के इस्तेमाल पर रोक लगाने को लेकर भी सांसदों, विधायकों और पार्टी के अन्य नेताओं को लोगों के बीच जागरुकता फैलाने को कहा. बीजेपी की यह पदयात्रा हर लोकसभा क्षेत्र में जाएगी. पदयात्रा में प्लास्टिक मुक्त अभियान, जम्मू कश्मीर में अनुच्छेद 370 और करों में छूट के लाभ के बारे में आम लोगों को बताया जाएगा.

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2 अक्टूबर से शुरू होने वाले इस अभियान में पार्टी पदाधिकारी, सांसद, विधायक अपने-अपने क्षेत्रों में 2 किलोमीटर तक दौड़ेंगे. साथ ही साथ सामाजिक बुराइयों को त्यागने की अपील भी करेंगे. पदयात्रा के दौरान बापू की कहानियां और खादी महोत्सव भी आयोजित किए जाएंगे.

उत्तर प्रदेश में उपचुनाव को लेकर सियासी दलों में हलचल तेज

उत्तर प्रदेश में विधानसभा की 11 खाली सीटों के लिए उपचुनाव की तारीख आते ही सियासी दलों में हलचल तेज हो गई है. उपचुनाव 21 अक्टूबर को होगा और नतीजे 24 अक्टूबर को आएंगे. अभी तक 11 में से 9 सीटों पर बीजेपी काबिज है और बाकी 2 सीटों में से एक पर सपा और दूसरी पर बसपा का कब्जा है. यह चुनाव तीनों ही पार्टियों के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण है. खास बात यह है कि जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद पहली बार मोदी सरकार का टेस्ट होगा.

11 विधानसभा सीटों में से रामपुर की सीट समाजवादी पार्टी और जलालपुर की सीट बसपा के पास थी. बाकी की सीटें बीजेपी के पास हैं. फिरोजाबाद की टूंडला सीट का मामला न्यायालय में विचाराधीन है. इसकी वजह से वहां उपचुनाव की तारीख घोषित नहीं की गई है. इस सीट के विधायक अब आगरा से सांसद हैं और हमीरपुर सीट के लिए उपचुनाव की प्रक्रिया चल रही है, जिसके लिए 23 सितंबर को मतदान होगा. यह सीट बीजेपी के अशोक चंदेल की सदस्यता समाप्त होने के बाद खाली हुई थी.

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उपचुनाव वाली ज्यादातर सीटें वहां के विधायकों के सांसद बनने के बाद खाली हुई थीं. लखनऊ कैंट से विधायक रहीं डॉ. रीता बहुगुणा जोशी, कानपुर की गोविंद नगर सीट से विधायक रहे सत्यदेव पचौरी, जैदपुर से विधायक रहे उपेंद्र राय, चित्रकूट की मानिकपुर सीट से विधायक रहे आरके पटेल, बहराइच की बल्हा सीट से विधायक अक्षयवर लाल गौड़, सहारनपुर गंगोह सीट से विधायक रहे प्रदीप चौधरी, अलीगढ़ की इगलास सीट से विधायक राजवीर वाल्मीकि, हाथरस और अंबेडकरनगर के जलालपुर सीट से विधायक रहे रितेश पांडे, यह सभी लोग सांसद चुने गए जिसके बाद सीटें खाली हुईं.

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