मानव श्रृंखला पर नीतीश सरकार ने ऐसे किया पटना हाई कोर्ट को राजी

21 जनवरी को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की शराबबंदी के समर्थन में प्रस्तावित दुनिया की सबसे बड़ी मानव श्रृंखला बनाने की योजना को पटना उच्च न्यायालय ने हरी झंडी दे दी है. बिहार सरकार के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक न्यायालय के सामने पेश हुए और लिखित में वचन दिया कि मानव श्रृंखला कार्यक्रम के दौरान किसी भी स्कूली छात्र, छात्रा अथवा बच्चों को जबरन शामिल होने के लिए नहीं कहा जाएगा.

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पटना हाई कोर्ट पटना हाई कोर्ट

सबा नाज़

  • पटना,
  • 20 जनवरी 2017,
  • अपडेटेड 2:43 PM IST

21 जनवरी को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की शराबबंदी के समर्थन में प्रस्तावित दुनिया की सबसे बड़ी मानव श्रृंखला बनाने की योजना को पटना उच्च न्यायालय ने हरी झंडी दे दी है. बिहार सरकार के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक न्यायालय के सामने पेश हुए और लिखित में वचन दिया कि मानव श्रृंखला कार्यक्रम के दौरान किसी भी स्कूली छात्र, छात्रा अथवा बच्चों को जबरन शामिल होने के लिए नहीं कहा जाएगा. सरकार ने न्यायालय को यह भी आश्वासन दिया कि यदि कोई बच्चा मानव श्रृंखला कार्यक्रम में शामिल नहीं होता है तो उसके खिलाफ किसी भी प्रकार की कार्यवाही नहीं की जाएगी.

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मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक ने कोर्ट के सामने यह भी कहा कि 21 जनवरी को सुबह 9:00 बजे से दोपहर 3:00 बजे तक बिहार से गुजरने वाली सभी राष्ट्रीय राजमार्ग एवं राज्य राजमार्ग को पूरी तरह से बंद नहीं किया जाएगा जैसा कि पहले राज्य सरकार से निर्देश जारी हुआ था. इन आश्वासनों के बाद ही पटना उच्च न्यायालय ने मानव श्रृंखला कार्यक्रम को हरी झंडी दे दी.

पटना उच्च न्यायालय की क्या थी चिंता
दो दिन पहले मानव श्रृंखला कार्यक्रम को लेकर याचिका दायर की गई थी जिसमें याचिकाकर्ता शशिभूषण ने सवाल उठाया था कि आखिर क्यों जबरदस्ती बच्चों का इस्तेमाल इस कार्यक्रम के लिए किया जा रहा है? याचिकाकर्ता ने दूसरा सवाल यह उठाया था कि आखिर किस कानून के तहत बिहार सरकार ने 6 घंटे के लिए सभी राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों को बंद करने का आदेश जारी किया है? याचिकाकर्ता के सवालों से संतुष्ट होकर हाई कोर्ट ने बिहार सरकार को जवाब तलब किया था. गुरुवार को राज्य सरकार की तरफ से प्रधान अतिरिक्त महाधिवक्ता, ललित किशोर पेश हुए मगर हाईकोर्ट उनके जवाब से संतुष्ट नहीं हुई और शुक्रवार को मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक को समन किया था.

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बिहार सरकार ने क्या निर्देश जारी किया था
दरअसल कई जिलों में मानव श्रृंखला कार्यक्रम को लेकर पत्र सभी सरकारी स्कूलों को लिखा गया था जिसमें कहा गया था कि सभी बच्चों को मानव श्रृंखला कार्यक्रम में शामिल होना अनिवार्य है. ऐसा नहीं करने पर उनका नामांकन रद्द कर दिया जाएगा और सरकार की ओर से मिलने वाली मदद से उनको वंचित कर दिया जाएगा.

नीतीश के लिए राहत
शराबबंदी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वाहवाही लूटने के बाद नीतीश कुमार दुनिया की सबसे बड़ी मानव श्रृंखला शराबबंदी के समर्थन में बनाने की तैयारी कर रहे हैं जो तकरीबन 11292 किलोमीटर लंबी होगी और जिसमें तकरीबन 2 करोड़ लोगों की भागीदारी होगी. इस पूरे कार्यक्रम की तस्वीरें ड्रोन कैमरा, हेलीकॉप्टर और सैटेलाइट के द्वारा ली जाएंगी जिसके बाद इन तस्वीरों को गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के ऑफिस भेजा जाएगा.

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