बिहार चुनाव में नए समीकरण के आसार, जीतनराम मांझी और ओवैसी आ सकते हैं साथ

सीटों के बंटवारे को लेकर अभी दोनों दलों के बीच में कोई बात नहीं हुई है. बता दें, 2019 में सीएए और एनआरसी के खिलाफ असदुद्दीन ओवैसी और जीतन राम मांझी किशनगंज में एक साथ मंच साझा कर एक रैली करने वाले थे मगर आखिरी मौके पर जीतन राम मांझी ने अपने कदम वापस खींच लिए.

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असदुद्दीन ओवैसी की फाइल फोटो (PTI) असदुद्दीन ओवैसी की फाइल फोटो (PTI)

रोहित कुमार सिंह

  • पटना,
  • 09 अगस्त 2020,
  • अपडेटेड 10:07 AM IST

  • दोनों दल सभी 243 सीटों पर लड़ सकते हैं चुनाव
  • दोनों दलों में सीट बंटवारे पर अभी चर्चा बाकी

बिहार विधानसभा चुनाव से पहले एक नए समीकरण के तैयार होने की सुगबुगाहट नजर आ रही है. पूर्व मुख्यमंत्री और हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीतन राम मांझी जो फिलहाल महागठबंधन का हिस्सा हैं, उन्हें गठबंधन में कोई तवज्जो नहीं मिल रही है. इस कारण वे अपने लिए नया विकल्प तलाश रहे हैं. इस बात के संकेत मिल रहे हैं कि बिहार विधानसभा चुनाव से पहले जीतन राम मांझी असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम के साथ गठबंधन कर चुनाव लड़ सकते हैं.

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इसको लेकर एआईएमआईएम के प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल इमान की पहली औपचारिक मुलाकात जीतन राम मांझी से शुक्रवार को उनके आवास पर हुई. जानकारी के मुताबिक दोनों दलों के बीच इस बात को लेकर सहमति बनी है कि बिहार की सभी 243 सीटों पर चुनाव लड़ा जाएगा. एआईएमआईएम के प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल इमान ने कहा, “जीतन राम मांझी के साथ मेरी निजी मुलाकात थी और मैं उन्हें पहले से जानता हूं. मांझी हमारे साथ किशनगंज की रैली में भी साथ आने के लिए तैयार हो गए थे मगर आखिरी वक्त पर किसी वजह से नहीं आए.”

हालांकि, सीटों के बंटवारे को लेकर अभी दोनों दलों के बीच में कोई बात नहीं हुई है. बता दें, 2019 में सीएए और एनआरसी के खिलाफ असदुद्दीन ओवैसी और जीतन राम मांझी किशनगंज में एक साथ मंच साझा कर एक रैली करने वाले थे मगर आखिरी मौके पर जीतन राम मांझी ने अपने कदम वापस खींच लिए. माना जा रहा है कि महागठबंधन में तवज्जो नहीं मिलने के कारण दबाव की राजनीति के तहत जीतन राम मांझी ने असदुद्दीन ओवैसी के साथ मंच साझा करने के लिए हामी भरी थी.

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हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा के प्रवक्ता दानिश रिजवान ने कहा, “राजनीति में कब कौन किसके साथ गठबंधन करेगा यह कहना मुश्किल है मगर फिलहाल यह कहना जल्दबाजी है कि हमारा गठबंधन ओवैसी की पार्टी के साथ हो रहा है. ऐसी कोई बात नहीं है.” जीतन राम मांझी के असदुद्दीन ओवैसी के साथ मंच साझा करने की खबरों के बाद बिहार के राजनीतिक गलियारे में हड़कंप मच गया था. ओवैसी की पार्टी ने पहले ही ऐलान कर दिया है कि वह बिहार में इस बार ज्यादा से ज्यादा सीटों पर चुनाव लड़ेगी. पहले चरण में पार्टी ने अपने 32 उम्मीदवारों के नाम की घोषणा भी कर रखी है.

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