जिओमी से अदालती रोक हटी, वन प्लस स्मार्टफोन पर लगी

दिल्ली हाई कोर्ट ने चीन की कंपनी जिओमी पर लगी रोक हटा दी है लेकिन वन प्लस पर लगा दी. वन प्लस पर दिल्ली हाई कोर्ट ने रोक माइक्रोमैक्स की याचिका पर लगाई है जिसका कहना है कि कंपनी ने उसके पेटेंट अधिकारों का उल्लंघन किया है.

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शियोमी शियोमी

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 17 दिसंबर 2014,
  • अपडेटेड 1:58 PM IST

दिल्ली हाई कोर्ट ने चीन की कंपनी जिओमी पर लगी रोक हटा दी है लेकिन वन प्लस पर लगा दी. वन प्लस पर दिल्ली हाई कोर्ट ने रोक माइक्रोमैक्स की याचिका पर लगाई है जिसका कहना है कि कंपनी ने उसके पेटेंट अधिकारों का उल्लंघन किया है. अब भारत में वन प्लस के उन हैंडसेट पर रोक लग गई है जिनमें केनोजेन ऑपरेटिंग सिस्टम है. माइक्रोमैक्स ने हाल ही में केनोजेन से उसके केनोजेनमोड ओएस के लिए करार किया था. यह ओएस खास तौर से माइक्रोमैक्स के लिए ही है.

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बताया जाता है कि केनोजेन ने वनप्लस को भारत में उसके ओएस वाले फोन ने बचेने की सलाह दी थी क्योंकि उसका कॉपीराइट माइक्रोमैक्स के पास है. अब कोर्ट के आदेश के बाद उसे केनोजेन ब्रांड का इस्तेमाल करने का अधिकार नहीं होगा.

यह रोक अस्थायी है और वन प्लस को कोर्ट में अपना जवाब देने का अधिकार है. अब देखना है कि उसका जवाब क्यो होता है.

जिओमी से रोक हटी
एरिक्सन की याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट ने जो रोक लगाई थी उसे शियोमी का जवाब सुनने के बाद हटा लिया गया है. अब जिओमी के फोन 8 जनवरी तक बिक सकेंगे और वह पहले की तरह इनका आयात कर सकेगी.

दरअसल यह मामला भी पेटेंट के अधिकारों के उल्लंघन का है. कोर्ट ने उसके क्वॉलकॉम उपकरणों से बैन हटा लिया है. लेकिन मीडियाटेक चिपसेट वाले फोन पर रोक लगी रहेगी.

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