भूमि अधिग्रहण बिल पर अन्ना हजारे का साथ देंगे केजरीवाल!

भूमि अधिग्रहण बिल के खिलाफ समाजसेवी अन्ना हजारे सोमवार से दिल्ली में आंदोलन शुरू करने जा रहे हैं. बिल पर केंद्र सरकार भी बैकफुट पर नजर आने लगी है, वहीं बहुत संभव है कि अन्ना के आंदोलन को दिल्ली के सीएम और उनके पुराने शि‍ष्य अरविंद केजरीवाल का साथ मिले. रविवार को महाराष्ट्र सदन में केजरीवाल अन्ना से मुलाकात करने वाले हैं.

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अरविंद केजरीवाल की फाइल फोटो अरविंद केजरीवाल की फाइल फोटो

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 22 फरवरी 2015,
  • अपडेटेड 3:07 PM IST

भूमि अधिग्रहण बिल के खिलाफ समाजसेवी अन्ना हजारे सोमवार से दिल्ली में आंदोलन शुरू करने जा रहे हैं. बिल पर केंद्र सरकार भी बैकफुट पर नजर आने लगी है, वहीं बहुत संभव है कि अन्ना के आंदोलन को दिल्ली के सीएम और उनके पुराने शि‍ष्य अरविंद केजरीवाल का साथ मिले. रविवार को महाराष्ट्र सदन में केजरीवाल अन्ना से मुलाकात करने वाले हैं.

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अन्ना और केजरीवाल की मुलाकात इस मायने में भी महत्वपूर्ण है कि दिल्ली विधानसभा चुनाव से ठीक पहले अन्ना से आजतक को दिए इंटरव्यू में साफ कहा था कि केजरीवाल पिछली बार मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्हें भूल गए. अपने इंटरव्यू में अन्ना ने कहा था, 'केजरीवाल जबसे दिल्ली के मुख्यमंत्री बने मुझसे नहीं मिले.' ताजा मुलाकात को देखते हुए यही लगता है कि प्रचंड बहुमत के साथ दिल्ली की सत्ता पर दोबारा आसीन हुए केजरीवाल इस बार अन्ना को शि‍कायत का मौका नहीं देना चाहते हैं.

केंद्र कर सकती है अध्यादेश में संसोधन
ऐसा लगता है कि अन्ना हजारे के आंदोलन से पहले ही मोदी सरकार बैकफुट पर आ गई है. केंद्र सरकार के वरिष्ठ सूत्रों ने बताया कि आने वाले दिनों में भूमि अधिग्रहण अध्यादेश में संशोधन किया जा सकता है. केंद्र भूमि अधिग्रहण अध्यादेश पर पुनर्विचार के मूड में दिख रहा है और किसानों की चिंताओं का इसमें समावेश किए जाने की संभावना है. इस मुद्दे पर वरिष्ठ मंत्रियों के साथ विचार विमर्श करने वाले एक प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने यह दावा किया है.

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विभिन्न संगठनों के किसान नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने गृह मंत्री राजनाथ सिंह से उनके आवास पर मुलाकात की और भूमि अधिग्रहण कानून में अध्यादेश के जरिए किए गए बदलावों पर चिंता जाहिर की. विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और ग्रामीण विकास मंत्री बीरेन्द्र सिंह भी बैठक में मौजूद थे.

अध्यादेश के खिलाफ किसान संगठनों के प्रदर्शनों की पृष्ठभूमि में यह मुलाकात हुई. इन संगठनों में राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ और विपक्षी पार्टियों से जुड़े किसान संगठन भी शामिल थे. सरकार विवादास्पद अध्यादेश पर संसदीय मंजूरी लेने के लिए बजट सत्र में विधेयक पर आगे बढ़ने पर दृढ़ है.

हालांकि मंत्रियों ने इस मसले पर मीडिया से कोई बात नहीं की, लेकिन भारतीय किसान यूनियन के युद्धवीर सिंह, भारतीय कृषक समाज के कृष्ण बीर चौधरी और राष्ट्रीय किसान संगठन के पुनीत सिंह थिंड ने बताया कि उन्हें इस बात का विश्वास है कि बीजेपी सरकार उनकी शिकायतें सुनेगी और कानून में उचित बदलाव करेगी.

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