दुनिया की सबसे बड़ी टेक्नॉलोजी कंपनी ऐपल के फाउंडर स्टीव जॉब्स और उनकी कंपनी दुनिया भर में पॉपुलर हैं. स्टीव जॉब्स को लोग उनके अद्भुत काम के लिए जानते हैं. इस दुनिया से जाने से पहले उनका एक आखरी सपना था. ऐपल का नया कैंपस जो कि अब बन कर तैयार हो गया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक स्पेसशिप जैसे दिखने वाले ऐपल के इस नए कैंपस की लागत लगभग 5 बिलियन डॉलर है और इसमें बनाए गए टॉयलेट का डिजाइन iPhone से इंस्पायर है.
ऐपल का कार्पोरेट हेडक्वार्टर इस ब्रांड के ही हर प्रोडक्ट की तरह शानदार है. आप इसे एक बार देखेंगे तो फिर दोबारा जरुर देखना चाहेंगे.
Reuters की खबर के मुताबिक ये प्लानिंग की थी कि नया कैंपस 2015 तक खुल जाएगा. वो तारीख आई और गई लेकिन नया ऐपल कैंपस नहीं खुला.
हालांकि अब ऐसा लगता है कि उनका ड्रीम कैंपस जल्द ही तैयार हो जाएगा. इसकी वजहे हैं. पहली ये कि इसे बनाने के लिए इतनी बारिकीयां ध्यान रखी गईं हैं जिस वजह से इसे जल्दी तैयार नहीं किया जा सका. इन बारीकियों का अंदाजा आप इस बात से ही लगा सकते हैं कि इस कैंपस में कौन सी लकड़ियों का यूज किया जाए ये बताने के लिए 20 पेज की गाइडलाइन जारी की गई थी.
इस बिल्डिंग में वैसे तो कई खास बाते हैं, लेकिन इनमें से एक ये है कि इसके मुख्य बिल्डिंग में का टुकड़ा लगाया गया है. इस कर्व्ड ग्लास बनाने में यह सुनिश्चित किया गया है कि इसमें कोई भी पाइप या वेंट्स नहीं दिखें. पेंटर यूनियन डिस्ट्रिक्ट काउंसिल 16 के रिजनल डायरेक्टर ब्रेट डेविस ने इसकी तारीफ करते हुए कहा है कि, 'यह कैंपस एक ऐसी पेंटिंग जैसा है जिसे आप छूना तक नहीं चाहेंगे'.
इस बिल्डिंग को बनाने के लिए बहुत सारे आर्किटेक्ट, प्रोजेक्ट मैनेजर्स और कंपनियों ने काम किया है. Skanska USA और DPR कंस्ट्रक्शन इसके ओरिजिनल कॉन्ट्रैक्टर्स थे, हालांकि उन्होंने अनजान कारणों से इतने बड़े प्रोजेक्ट को छोड़ दिया था.
ऐपल के इतने बड़े ऑफिस को मॉर्डन वर्ल्ड के आर्किटेक्चर का अद्भुत नमूना कह सकते हैं जिसे आने वाले वक्त में इतिहास में दर्ज किया जाएगा. क्योंकि ये बिल्डिंग पिरामिड जैसी अद्भुत है.
साकेत सिंह बघेल