ऋषि कपूर को याद कर भावुक हुए अमिताभ बच्चन, एक्टर की जिंदादिली को सराहा

अमिताभ बच्चन उन शख्सियतों में से रहे हैं जिन्होंने ऋषि कपूर को बहुत करीब से देखा और जाना. उन्होंने ट्विटर पर इन मेमोरियम के नाम से एक वीडियो शेयर किया जिसमें वे ऋषि कपूर के बारे में बातें करते नजर आ रहे हैं.

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ऋषि कपूर संग अमिताभ बच्चन ऋषि कपूर संग अमिताभ बच्चन

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 04 मई 2020,
  • अपडेटेड 8:28 PM IST

बॉलीवुड जिस तरह से ऋषि कपूर को मिस कर रहा है वो साफ दर्शाता है कि ऋषि सभी के चहेते थे. ऋषि कपूर ने अपनी फिल्मों के जरिए तो दर्शकों का मनोरंजन किया ही साथ ही रियल लाइफ में भी वे काफी जिंदादिल इंसान थे. बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन के साथ भी ऋषि कपूर की शानदार बॉन्डिंग थी. ऑन स्क्रीन दोनों ने ना जाने कितनी सारी फिल्मों में एक साथ काम किया और पर्सनल लाइफ में भी दोनों काफी करीब थे. ऋषि कपूर के निधन से अमिताभ बच्चन पूरी तरह से टूट गए हैं. उन्होंने एक वीडियो के जरिए ऋषि कपूर को याद किया है.

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अमिताभ बच्चन उन शख्सियतों में से रहे हैं जिन्होंने ऋषि कपूर को बहुत करीब से देखा और जाना. उन्होंने ट्विटर पर इन मेमोरियम के नाम से एक वीडियो शेयर किया जिसमें वे ऋषि कपूर के बारे में बातें करते नजर आ रहे हैं. वीडियो में अमिताभ बच्चन कह रहे हैं कि ऋषि कपूर एक चार्मिंग और यंग पर्सनैलिटी थे जिनकी आंखों में शरारत थी. मैंने बॉबी फिल्म के लिए आर के स्टूडियो में उन्हें संघर्ष करते देखा था. मैं राज कपूर के घर पर जब निमंत्रण पर जाता था तब मैं उनसे मिलता था. उनके चलने के लहजे में एक आत्मविश्वास था. एक स्टाइल था. वे जब चलते थे तो वे हूबहू अपने दादा पृथ्वीराज कपूर की तरह लगते थे.

अमिताभ ने कहा- मैंने उनके साथ कई सारी फिल्मों में काम किया. अमर अकबर एंथनी, कुली, कभी कभी और 102 नॉट आउट. जब वे अपनी लाइन पढ़ते थे तो सामने वाले को हर एक शब्द पर यकीन करा देते थे. उनके बोलने के लहजे में एक सच्चाई थी एक वास्तविकता थी. कोई भी दूसरा शख्स ऐसा नहीं हुआ जो इस तरह से डायलॉग बोल पाता हो ना हि कोई ऐसा शख्स हुआ जो उनकी तरह गानों में लिप्सिंग कर पाता हो.

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कभी अस्पताल मिलने नहीं गया

उनका एटिट्यूड हर समय काफी चंचल रहता था. यहां तक कि जब हम लोग कोई सीरियस सीन की शूटिंग भी कर रहे होते थे तो भी वे कुछ ऐसी कॉमेडी कर देते थे कि माहौल ही बदल जाता था. अगर हम किसी फॉर्मल इवेंट में भी होते थे तो उस दौरान भी वे अपने ह्यूमर से माहौल को हल्का कर देते थे. कभी भी उन्होंने अपनी हालत बयां नहीं होने दी. वे हमेशा यही कहते कि बस एक रूटीन चेकअप के लिए हॉस्पिटल जा रहा हूं. मैं जल्द ही लौटूंगा. उन्हें अपने पिता राज कपूर से एक जिंदादिली मिली थी. वे हर पल को उत्साह से जीते थे. मैं कभी भी उन्हें अस्पताल में देखने नहीं गया. मैं उनके मुस्कुराते चेहरे पर मायूसी नहीं देख सकता था.

बता दें कि ऋषि कपूर 2 सालों से कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी से लड़ाई लड़ रहे थे. मगर 30 अप्रैल, 2020 को एक्टर ने अंतिम सांस ली. बॉलीवुड समेत पूरा देश ऋषि कपूर के निधन की खबर से दुखी हो गया.

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